सिपाही अमित शुक्ला को गोली मारने वाले असलहा तस्कर सामने घाट में चला रहे थे अवैध असलहा फैक्ट्री, पुलिस ने किया भंडाफोड़, असलहे, कारतूस, खोखा और उपकरण बरामद
लंका पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, पहले ही मुठभेड़ में पकड़े जा चुके हैं गैंग लीडर समेत तीन आरोपी
वाराणसी। लंका पुलिस ने आरक्षी अमित शुक्ला को गोली मारने वाले अंतरराज्यीय असलहा तस्कर सामने घाट में अवैध असलहा फैक्ट्री चला रहे थे। पुलिस ने गिरोह के नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर शिवाजी नगर कॉलोनी, सामने घाट स्थित एक किराये के मकान से तीन देसी पिस्टल, 143 जिंदा कारतूस, 24 खोखा कारतूस और असलहे बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें व भारी मात्रा में उपकरण बरामद किए गए हैं।
एडीसीपी वैभव बांगर ने बताया कि 31 अक्टूबर को लंका पुलिस आरक्षी अमित शुक्ला को गोली मारने की घटना में शामिल आरोपियों के अन्य साथियों और उनके ठिकानों की तलाश कर रही थी। इसके लिए मुखबिरों के साथ सीसीटीवी फुटेज, साइबर और सर्विलांस की मदद ली जा रही थी। इसी दौरान मुख्य आरोपी अंजनी नंदन झा की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच में एक संदिग्ध मोबाइल नंबर सामने आया। यह नंबर डाफी निवासी अमन कुमार मिश्रा इस्तेमाल कर रहा था।
पूछताछ में अमन ने अंजनी नंदन झा का बचपन का मित्र होने की बात स्वीकार की। उसने बताया कि वह पहले अवैध असलहों और कारतूसों की सप्लाई तथा पैसों के लेन-देन में अंजनी की मदद करता था। उसने सामने घाट स्थित किराये के मकान में अवैध असलहे और उनके निर्माण से संबंधित सामग्री रखे होने की जानकारी दी। अमन की निशानदेही पर पुलिस ने मकान में छापेमारी कर वहां मौजूद विमल कांत झा को गिरफ्तार कर लिया।
पिता भी अवैध कारोबार में था शामिल
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में विमल कांत झा ने बताया कि वह करीब दो-तीन महीने पहले मकान में रहने आया था। उसका पुत्र अंजनी नंदन झा गलत संगत और नशे का आदी है। उसके मित्रों का मकान पर आना-जाना रहता था। वहां अवैध असलहे और कारतूस बनाने तथा उन्हें अलग-अलग स्थानों पर बेचने का काम होता था। विमल ने मोटी कमाई के लालच में इस अवैध कारोबार में सहयोग करने और इसकी जानकारी किसी को नहीं देने की बात भी स्वीकार की।
पहले मुठभेड़ में पकड़ा जा चुका है गैंग लीडर
इस गिरोह का मुख्य आरोपी अंजनी नंदन झा है। आरक्षी अमित शुक्ला को गोली मारने की घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अंजनी नंदन झा, राज विश्वकर्मा और बिहार के गोपालगंज निवासी राजू तिवारी को पहले ही पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था। अब अमन कुमार मिश्रा और विमल कांत झा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस गिरोह के नेटवर्क और अवैध हथियार निर्माण के ठिकाने तक पहुंच गई है।
सामान हुआ बरामद
पुलिस ने तीन .32 बोर की देसी पिस्टल, अलग-अलग बोर के कुल 143 जिंदा कारतूस और 24 खोखा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा 19 अर्धनिर्मित असलहे, पिस्टल और बैरल, छह मैगजीन, 15 अर्धनिर्मित तमंचों की मुट्ठ, पांच अर्धनिर्मित मैगजीन, लोहे के 309 छोटे-बड़े टुकड़े, स्प्रिंग, मशीनें, ड्रिल, ग्राइंडर, वेल्डिंग मशीन, गैस टॉर्च और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले दर्जनों औजार बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आयुध अधिनियम की धारा 5(1)(क)/25(1)(क) के तहत कार्रवाई की है। मामले में लंका और भेलूपुर थानों में दर्ज अन्य मुकदमों की भी जांच की जा रही है। पूरी कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक राजकुमार के नेतृत्व में लंका पुलिस और सर्विलांस सेल की टीम ने की।