रिश्वत लेते रंगे हाथ धराया कैंट थाने का उर्दू मुंशी, एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा, 31 जुलाई को था रिटायरमेंट
वाराणसी। वाराणसी मंडल की एंटी करप्शन टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कैंट थाने में तैनात उर्दू अनुवादक अब्दुल रहमान अंसारी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई शुक्रवार शाम जेएचवी मॉल स्थित मैकडोनाल्ड रेस्टोरेंट में की गई, जहां आरोपी शिकायतकर्ता से रिश्वत लेने पहुंचा था। गिरफ्तारी के बाद उसके कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद की गई और रासायनिक परीक्षण में भी रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। 31 जुलाई को अब्दुल रहमान अंसारी का रिटायरमेंट था।
एंटी करप्शन थाना वाराणसी मंडल के प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार सिंह के अनुसार, सदर बाजार, कैंट निवासी शाह मोहम्मद शारीक ने 16 जुलाई को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उसके खिलाफ दर्ज मामलों में गुंडा एक्ट की कार्रवाई रोकने और अन्य एनसीआर खत्म कराने के नाम पर उर्दू अनुवादक 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के बजाय एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया।
शिकायत का सत्यापन करने के बाद टीम ने जाल बिछाया। आरोपी ने शिकायतकर्ता को 17 जुलाई की शाम जेएचवी मॉल स्थित मैकडोनाल्ड बुलाया। जैसे ही उसने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। बरामद नोटों की पुष्टि के बाद हाथ धुलवाने पर रासायनिक घोल गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई।
गिरफ्तार अब्दुल रहमान अंसारी मूल रूप से जौनपुर जिले के केराकत क्षेत्र का निवासी है। वर्ष 1995 में उर्दू अनुवादक के पद पर नियुक्त हुआ था और वर्तमान में कैंट थाने में तैनात था। उसकी 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्ति प्रस्तावित थी, लेकिन उससे पहले ही वह भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्त में आ गया।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी पिछले कई वर्षों से पुराने मुकदमों और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर उससे लाखों रुपये की अवैध वसूली कर चुका है। इन आरोपों की भी जांच की जा रही है। एंटी करप्शन टीम ने आरोपी के विरुद्ध आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई के लिए मामला लालपुर-पांडेयपुर थाने में दर्ज कराया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।