NSUI के मनरेगा बचाओ मार्च को लेकर प्रशासन अलर्ट, बीएचयू गेट पर भारी फोर्स तैनात, ड्रोन से रखी जा रही नजर 

छात्र संगठन एनएसयूआई द्वारा प्रस्तावित “मनरेगा बचाओ मार्च” को लेकर कमिश्नरेट पुलिस अलर्ट है। संगठन की ओर से मार्च के बाबत सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किए जाने के बाद मंगलवार को बीएचयू के सिंह द्वार पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। ड्रोन से निगरानी की जा रही है। पुलिस अधिकारी भी लगातार हालात का जायजा ले रहे हैं। गत रविवार को भी एनएसयूआई की ओर से मार्च निकालने के दौरान पुलिस से जमकर नोकझोंक हुई थी। 35 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई थी। 
 

वाराणसी। छात्र संगठन एनएसयूआई द्वारा प्रस्तावित “मनरेगा बचाओ मार्च” को लेकर कमिश्नरेट पुलिस अलर्ट है। संगठन की ओर से मार्च के बाबत सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किए जाने के बाद मंगलवार को बीएचयू के सिंह द्वार पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। ड्रोन से निगरानी की जा रही है। पुलिस अधिकारी भी लगातार हालात का जायजा ले रहे हैं। गत रविवार को भी एनएसयूआई की ओर से मार्च निकालने के दौरान पुलिस से जमकर नोकझोंक हुई थी। 35 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई थी। 

एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने रविवार को बीएचयू स्थित सरस्वती प्रतिमा से प्रधानमंत्री जन संपर्क कार्यालय तक मनरेगा बचाओ मार्च निकालने का प्रयास किया था। उस दौरान पुलिस ने मार्च को बीच रास्ते में रोकते हुए कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया था। इसी घटना के बाद एनएसयूआई कार्यकर्ता ऋषभ पांडे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से दोबारा मार्च निकालने की बात कही थी, जिसे पुलिस ने गंभीरता से लिया।

मंगलवार को बीएचयू के सिंह द्वार पर एडीसीपी सरवणन टी, एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार, एसीपी रोहनिया सहित पांच थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही। इसके अलावा सुरक्षा के मद्देनजर चार प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल लगाया गया। इनमें पहला बीएचयू परिसर स्थित सरस्वती प्रतिमा स्थल, दूसरा सिंह द्वार, तीसरा गुरुधाम चौराहा और चौथा प्रधानमंत्री जन संपर्क कार्यालय शामिल रहा।

एडीसीपी ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से एनएसयूआई द्वारा मार्च निकालने की सूचना सामने आई है, जबकि इसके लिए किसी प्रकार की प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई है। कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पहले से ही पुलिस बल की तैनाती की गई है। उन्होंने कहा कि किसी को भी बिना अनुमति सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

इस बीच एनएसयूआई कार्यकर्ता ऋषभ पांडे ने सोशल मीडिया के जरिए आरोप लगाया कि पिछले मनरेगा बचाओ मार्च के दौरान बीएचयू गेट पर पुलिस ने संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप पाल के अंगूठे को पैर से कुचल दिया और कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को बर्बर बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


डीआईजी शिवहरी मीणा ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। गुरुधाम चौराहे से पुलिस कर्मियों के साथ पैदल मार्च करते हुए प्रधानमंत्री जन संपर्क कार्यालय तक पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों और जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए कि समूह में आने वाले लोगों को किस प्रकार नियंत्रित और रोका जाए। पुलिस प्रशासन द्वारा पूरे क्षेत्र में ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। प्रशासन का कहना है कि शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अव्यवस्था को सख्ती से रोका जाएगा।