एसीपी ने नमोघाट से आरटीसी मार्ग तक किया भ्रमण कर सुरक्षा का लिया जायजा, आमजन से बातकर जानी समस्या, अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश
वाराणसी। शहर के प्रमुख घाटों और उनसे जुड़े मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरी मीना ने मंगलवार को नमो घाट, राजघाट सहित विभिन्न घाटों तथा राजघाट-गोलगड्डा-आरटीसी मार्ग का व्यापक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने घाट क्षेत्रों, संपर्क मार्गों, पार्किंग स्थलों, भीड़भाड़ वाले स्थानों और संवेदनशील बिंदुओं का जायजा लेकर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं की समीक्षा की। श्रद्धालुओं, पर्यटकों और आमजन की सुविधा एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया गया। उन्होंने अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
भ्रमण के दौरान सार्वजनिक मार्गों, घाटों के प्रवेश एवं निकास स्थलों तथा अन्य स्थानों पर पाए गए अवैध अतिक्रमणों को तत्काल हटवाया गया। अपर पुलिस आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण दोबारा न होने पाए और नियमित अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त रखा जाए। फुटपाथों एवं मार्गों पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने घाटों पर तैनात पुलिस बल की ड्यूटी व्यवस्था, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा उपकरणों और यातायात प्रबंधन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अपर पुलिस आयुक्त ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्कता और अनुशासन के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने, पर्यटकों की सहायता करने तथा जनसामान्य की समस्याओं का त्वरित समाधान करने पर बल दिया गया। साथ ही नाव संचालन क्षेत्रों और गंगा तट के संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान आमजन से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और सुझावों की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और घाट समितियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया। आगामी पर्वों और बढ़ती पर्यटक संख्या को देखते हुए प्रभावी सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की समुचित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।