बीएचयू सेंट्रल ऑफिस के बाहर एबीवीपी का धरना दूसरे दिन भी रहा जारी, चीफ प्रॉक्टर को हटाने समेत अन्य मांगों पर अड़ा संगठन 

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रों से जुड़े मुद्दों, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और चीफ प्रॉक्टर के रवैये को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को केंद्रीय कार्यालय के बाहर शुरू हुआ आंदोलन गुरुवार को भी जारी रहा। धरने में विभिन्न संकायों के छात्र-छात्राओं और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। छात्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से समाधान की मांग की।
 

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रों से जुड़े मुद्दों, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और चीफ प्रॉक्टर के रवैये को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को केंद्रीय कार्यालय के बाहर शुरू हुआ आंदोलन गुरुवार को भी जारी रहा। धरने में विभिन्न संकायों के छात्र-छात्राओं और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। छात्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से समाधान की मांग की।

एबीवीपी का आरोप है कि बीएचयू परिसर में सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी नहीं है और बाहरी लोगों का अनधिकृत प्रवेश बढ़ रहा है। संगठन ने चीफ प्रॉक्टर पर छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुनने और उनके साथ उत्पीड़नात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने तक धरना जारी रहेगा।

केंद्रीय कार्यालय में प्रवेश को लेकर हुई थी नोकझोंक
बुधवार को धरना शुरू करने के लिए एबीवीपी कार्यकर्ता केंद्रीय कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान पोर्टिको में प्रवेश को लेकर प्रोक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों और छात्रों के बीच नोकझोंक हुई। दोनों पक्षों में काफी देर तक बहस के बाद एबीवीपी कार्यकर्ता कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। संगठन ने आरोप लगाया कि उनकी मांगों को सुनने के बजाय आंदोलन रोकने का प्रयास किया गया।

चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग
धरना स्थल पर एबीवीपी से जुड़े पुनीत मिश्रा ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा और उनकी समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग दोहराई। संगठन का आरोप है कि परिसर में बाहरी लोगों की गतिविधियां बढ़ रही हैं और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किए जाने की जरूरत है।

12 सितंबर की घटना की जांच की मांग
एबीवीपी ने 12 सितंबर को प्रेक्षागृह आवंटन प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संगठन ने प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज मुकदमे और की गई दंडात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग रखी है। धरने में एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह भी पहुंचे। उन्होंने छात्र अधिकारों और परिसर की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर संगठन के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मांगों का समाधान नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

सुरक्षा से लेकर सुविधाओं तक कई मांगें
एबीवीपी ने चीफ प्रॉक्टर और प्रोक्टोरियल बोर्ड को हटाने, छात्रों पर दर्ज मुकदमे व दंडात्मक कार्रवाई वापस लेने, छात्रों के कथित उत्पीड़न पर रोक लगाने और 12 सितंबर की घटना की जांच की मांग की है। इसके अलावा बाहरी लोगों के अनधिकृत प्रवेश पर रोक, संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और अंधेरे वाले स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की गई है। संगठन ने मधुवन उद्यान सहित सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी बढ़ाने, नशाखोरी पर रोक लगाने, खाद्य दुकानों पर सीसीटीवी लगाने और अनिवार्य दर सूची प्रदर्शित करने की मांग भी रखी है।