राजघाट पुल पर रात में बंद रहेगा वाहनों का आवागमन, 100 साल पुराने पुल की होगी मरम्मत 

वाराणसी और चंदौली जिले के लोगो के बीच आवागमन का प्रमुख माध्यम करीब 100 वर्ष पुराने राजघाट पुल पर एक बार फिर मरम्मत कार्य शुरू होने जा रहा है। बरसात से पहले पुल की जर्जर होती संरचना को दुरुस्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने ट्रैफिक पुलिस से अनुमति मांगी थी। हालांकि दिन में भारी यातायात दबाव को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने दिन के समय मरम्मत कार्य की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
 

वाराणसी। वाराणसी और चंदौली जिले के लोगो के बीच आवागमन का प्रमुख माध्यम करीब 100 वर्ष पुराने राजघाट पुल पर एक बार फिर मरम्मत कार्य शुरू होने जा रहा है। बरसात से पहले पुल की जर्जर होती संरचना को दुरुस्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने ट्रैफिक पुलिस से अनुमति मांगी थी। हालांकि दिन में भारी यातायात दबाव को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने दिन के समय मरम्मत कार्य की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।

अब 14 जून से राजघाट पुल पर रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक मरम्मत कार्य कराया जाएगा। इस दौरान पुल पर सामान्य वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा, जबकि पैदल यात्रियों को आने-जाने की अनुमति दी जाएगी।

रात में होगा काम, दिन में सामान्य रहेगा ट्रैफिक
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार राजघाट पुल पर रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में दिन के समय मरम्मत कार्य शुरू होने से लंबा जाम, यातायात बाधित होने और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी कारण मरम्मत कार्य को केवल रात के समय कराने का निर्णय लिया गया है। फिलहाल ट्रैफिक पुलिस ने 14 जून से एक सप्ताह के लिए अनुमति दी है। काम की गति और जरूरत के अनुसार इसकी अवधि आगे बढ़ाई जा सकती है।

100 साल पुराना पुल कई जगह हो चुका है कमजोर
राजघाट पुल वाराणसी और चंदौली के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग माना जाता है। यह पुल लगभग एक सदी पुराना है और समय के साथ इसकी संरचना कई स्थानों पर कमजोर हो चुकी है। पिछले वर्ष रेलवे और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने पुल का स्थलीय निरीक्षण किया था। जांच में पुल की सड़क पर कई जगह गड्ढे, क्षतिग्रस्त सतह और विस्तार जोड़ (Expansion Joint) सहित कई तकनीकी खामियां सामने आई थीं। अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो बरसात के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है।

जनवरी में भी हुआ था पुल का मरम्मत कार्य
जनवरी 2026 में भी राजघाट पुल पर मरम्मत कार्य कराया गया था। उस समय ट्रैफिक पुलिस ने दिन और रात दोनों समय काम करने की अनुमति दी थी, लेकिन पुल पर आवागमन प्रभावित होने से शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई थी।

लंबे जाम और लोगों की परेशानी को देखते हुए बीच में ही काम रोकना पड़ा और वाहनों का संचालन दोबारा शुरू कर दिया गया था। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार केवल रात्रिकालीन मरम्मत का फैसला लिया गया है।

नमो घाट की वजह से बढ़ जाता है ट्रैफिक दबाव
राजघाट पुल पर बढ़ते ट्रैफिक की एक बड़ी वजह नमो घाट भी है। नमो घाट पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक, श्रद्धालु और वीआईपी मूवमेंट होता है। इसके चलते वाराणसी और चंदौली दोनों तरफ से वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता रहता है। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि पुल पर यातायात नियंत्रण पहले से ही चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में दिन के समय मरम्मत कार्य शुरू होने पर हालात और खराब हो सकते हैं।

वैकल्पिक मार्गों की जानकारी होगी जारी
एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्र ने बताया कि लोक निर्माण विभाग ने पुल की मरम्मत के लिए अनुमति मांगी थी। पिछली बार दिन-रात काम होने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई थी, इसलिए इस बार रात में काम कराने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि मरम्मत अवधि के दौरान वैकल्पिक मार्गों और ट्रैफिक व्यवस्था की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

बरसात से पहले पूरा होगा मरम्मत कार्य
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि मानसून आने से पहले राजघाट पुल की आवश्यक मरम्मत पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक पुलिस से अनुमति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा और पुल की सुरक्षा तथा मजबूती को प्राथमिकता देते हुए सभी जरूरी मरम्मत कार्य समय पर पूरे किए जाएंगे।