पीएम की अपील के खिलाफ स्वर्णकार समाज का अनोखा प्रदर्शन, सड़क पर छालमुरी बेचकर जताया विरोध
वाराणसी। प्रधानमंत्री द्वारा सोने-चांदी के आभूषणों की खरीदारी को लेकर की गई अपील के विरोध में बुधवार को स्वर्णकार समाज के लोगों ने जिला मुख्यालय पर अनोखा प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे व्यापारियों ने झालमुरी बनाकर और बेचकर सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान स्वर्णकार समाज के लोगों ने कहा कि सरकार की अपील का सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ा है, जिससे व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है।
प्रदर्शन में शामिल व्यापारियों का कहना था कि देशभर में लाखों परिवार स्वर्ण व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और उनकी आजीविका इसी व्यापार पर निर्भर करती है। ऐसे में यदि लोगों से सोने-चांदी की खरीदारी न करने की अपील की जाती है तो इसका असर केवल बड़े व्यापारियों पर ही नहीं बल्कि छोटे दुकानदारों, कारीगरों और मजदूरों तक पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों में बाजार में ग्राहकों की संख्या में कमी आई है और बिक्री प्रभावित हुई है।
स्वर्णकार समाज के प्रतिनिधियों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे वर्षों से पूरी ईमानदारी के साथ कारोबार कर रहे हैं, नियमित रूप से सरकार को टैक्स देते हैं और हजारों लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराते हैं। इसके बावजूद इस प्रकार की अपीलों से व्यापारियों में असुरक्षा का माहौल बन रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो छोटे व्यापारियों के सामने परिवार चलाना भी मुश्किल हो जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान कई व्यापारियों ने प्रतीकात्मक रूप से झालमुरी बेचकर यह संदेश देने की कोशिश की कि यदि उनका कारोबार इसी तरह प्रभावित होता रहा तो उन्हें अपना पेशा बदलने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आज उन्हें विरोध जताने के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है, जो सरकार के लिए गंभीर संकेत है।
स्वर्णकार समाज ने सरकार से मांग की कि व्यापार और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर कोई भी अपील करने से पहले उससे जुड़े लोगों की स्थिति और समस्याओं पर विचार किया जाए। व्यापारियों ने कहा कि सरकार को ऐसे कदम उठाने चाहिए जिससे व्यापार को बढ़ावा मिले, न कि उसमें गिरावट आए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। स्वर्णकार समाज ने स्पष्ट किया कि वे अपने अधिकारों और व्यापार की सुरक्षा के लिए लगातार संघर्ष करते रहेंगे।