काशी के आसमान में गरजे सुपरसोनिक विमान और हेलिकॉप्टर, तीन दिन दिखेगा वायुसेना का शौर्य
नमो घाट के ऊपर तीन विमानों ने करीब 55 मिनट तक किया अभ्यास, लूप, बैरल रोल और लो पास जैसे करतबों ने बढ़ाया रोमांच; ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो को लेकर तैयारियां तेज
वाराणसी। गंगा की लहरों के ऊपर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की गर्जना सुनाई देने लगी है। नमो घाट पर प्रस्तावित एयर शो से पहले सोमवार सुबह शहर के आसमान में वायुसेना के तीन विमानों ने उड़ान भरकर हवाई करतबों का अभ्यास किया। सुबह करीब 10:40 बजे विमानों के तेज आवाज के साथ नमो घाट के ऊपर से गुजरते ही आसपास के इलाकों में हलचल बढ़ गई। लोग घरों से बाहर निकल आए और देखते ही देखते मकानों की छतों पर पहुंचकर आसमान में विमानों की गतिविधियां देखने लगे। करीब 11:35 बजे तक विमानों की आवाजाही और हवाई करतब जारी रहे। आसमान में विमानों की कलाबाजियों ने शहरवासियों की उत्सुकता बढ़ा दी। लोग मोबाइल फोन से इस नजारे को कैमरे में कैद करते नजर आए।
भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर ‘विंग्स ओवर गंगा’ थीम के तहत नमो घाट पर 22, 24 और 25 अक्टूबर को हवाई प्रदर्शन प्रस्तावित है। इसे लेकर प्रशासन, पुलिस और वायुसेना की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आगामी एयर शो में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई और तेजस जैसे लड़ाकू विमानों के साथ सूर्य किरण एरोबेटिक दल तथा सारंग हेलीकॉप्टर दल के प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहने की उम्मीद है।
लूप, बैरल रोल और लो पास से बढ़ाया रोमांच
सोमवार को अभ्यास के दौरान विमानों ने आसमान में लूप, बैरल रोल और लो पास जैसे हवाई करतब दिखाए। लूप के दौरान विमान आसमान में गोलाकार चक्कर लगाते नजर आए, जबकि बैरल रोल में अपनी धुरी पर घूमते हुए दिखाई दिए। लो पास के दौरान विमानों ने कम ऊंचाई पर तेज गति से उड़ान भरी। विमानों की गर्जना आसपास के इलाकों में गूंजती रही।
तीनों विमान कभी लोगों की नजरों के सामने आते तो अगले ही पल बादलों में ओझल हो जाते। कुछ देर बाद तेज रफ्तार से दोबारा दिखाई देते और आसमान में कलाबाजियां दिखाने लगते। हर बार विमान दिखाई देने पर छतों पर मौजूद लोग मोबाइल से वीडियो बनाने लगते। बादलों में ओझल होने पर उनके दोबारा नजर आने का इंतजार करते रहे। अभ्यास के इस नजारे ने आगामी एयर शो को लेकर लोगों का रोमांच और बढ़ा दिया।
राफेल, सुखोई और तेजस दिखाएंगे दम
नमो घाट पर होने वाले एयर शो में आधुनिक लड़ाकू विमानों की क्षमता, वायुसेना के पायलटों के कौशल और हवाई करतबों का प्रदर्शन किया जाएगा। प्रस्तावित कार्यक्रम में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई और तेजस के साथ सूर्य किरण एरोबेटिक दल तथा सारंग हेलीकॉप्टर दल के प्रदर्शन विशेष आकर्षण होंगे। सूर्य किरण दल के हॉक विमानों की सामूहिक उड़ान, विमानों के बीच सटीक तालमेल और आसमान में तिरंगे के रंगों वाला धुआं दर्शकों के लिए रोमांचक नजारा बन सकता है।
नमो घाट से अस्सी घाट तक सुरक्षा की तैयारी
एयर शो के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए नमो घाट से अस्सी घाट तक गंगा किनारे सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियां की जा रही हैं। घाटों पर बैरिकेडिंग, दिशा-सूचक साइनेज बोर्ड और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से लोगों की आवाजाही व्यवस्थित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। पुलिसकर्मियों की तैनाती, निगरानी केंद्रों और अस्थायी पुलिस चौकियों की व्यवस्था भी की जा रही है।
प्रशासन का जोर इस बात पर है कि बड़ी संख्या में पहुंचने वाले दर्शकों को कार्यक्रम देखने में परेशानी न हो और आपात स्थिति में उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके। चिकित्सा सहायता, यातायात नियंत्रण और गंगा में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
21 से 25 अक्टूबर तक नमो घाट पर प्रतिबंध
एयर शो की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर नमो घाट पर 21 से 25 अक्टूबर तक आम लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित रखने की व्यवस्था की गई है। आयोजन के दौरान निर्धारित सुरक्षा क्षेत्र में प्रवेश और गंगा में नौका संचालन को लेकर भी प्रतिबंध लागू किए जाने की तैयारी है। दर्शकों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और निर्धारित मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की जा रही है।
तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और आसपास के जिलों से दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। गंगा, ऐतिहासिक घाटों और काशी की आध्यात्मिक पृष्ठभूमि के बीच होने वाला यह हवाई प्रदर्शन शहर के लिए खास आकर्षण बनेगा। सोमवार को अभ्यास के दौरान आसमान में गूंजती विमानों की गर्जना ने साफ कर दिया कि आगामी एयर शो को लेकर काशीवासियों का उत्साह चरम पर है। अब लोगों को निर्धारित तिथियों पर वायुसेना के शौर्य और पायलटों के अद्भुत कौशल का प्रदर्शन देखने का इंतजार है।