काशी विद्यापीठ में डिग्री-मार्कशीट की गड़बड़ियों को लेकर छात्रों ने दिया धरना, तालाबंदी और अनशन की दी चेतावनी
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में डिग्री, मार्कशीट और परीक्षा परिणामों से जुड़ी समस्याओं को लेकर सोमवार को छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ धरना दिया। छात्र संघ अध्यक्ष पद के प्रत्याशी युवराज पांडे के नेतृत्व में दर्जनों छात्रों ने नारेबाजी करते हुए समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में डिग्री और मार्कशीट में नाम सहित अन्य विवरण गलत दर्ज किए जा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा परिणामों में भी गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि कुछ छात्रों के परिणाम में उन्हें फेल किए जाने के बाद सुधार के लिए दोबारा शुल्क जमा कराने तथा नई डिग्री जारी करने के नाम पर भी भुगतान कराया जा रहा है।
छात्र नेता युवराज पांडे ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों की समस्याओं के प्रति गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को लेकर कुलपति और परीक्षा नियंत्रक को कई बार ज्ञापन दिया जा चुका है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कुछ मामलों में परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए धन की मांग किए जाने के आरोप भी लगाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
छात्रों ने कहा कि डिग्री और अंकपत्र में त्रुटियों के सुधार के लिए उन्हें लगातार विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धरने पर बैठे छात्रों के मुताबिक करीब दो घंटे तक प्रदर्शन के बावजूद वार्ता के लिए कोई सक्षम अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
इससे नाराज छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। छात्रों ने पूरे विश्वविद्यालय परिसर में तालाबंदी करने और मांगें पूरी नहीं होने पर आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी। छात्रों ने प्रशासन से तत्काल वार्ता कर डिग्री, मार्कशीट और परीक्षा परिणाम से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण कराने तथा शुल्क संबंधी मामलों की जांच कराने की मांग की।