बीएचयू में आठवें दिन भी धरना, छात्रों ने निकाली चीफ प्रॉक्टर और प्रशासन की प्रतीकात्मक शवयात्रा, सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्कामुक्की

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रहित, परिसर की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को आठवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के दौरान छात्रों ने अलग-अलग तरीकों से अपनी मांगों को उठाया। बुधवार को छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर और विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली। इस दौरान छात्रों और विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों के बीच धक्कामुक्की हुई। बाद में शवयात्रा सेंट्रल ऑफिस पहुंची, जहां प्रदर्शन समाप्त किया गया।
 

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रहित, परिसर की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को आठवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के दौरान छात्रों ने अलग-अलग तरीकों से अपनी मांगों को उठाया। बुधवार को छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर और विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली। इस दौरान छात्रों और विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों के बीच धक्कामुक्की हुई। बाद में शवयात्रा सेंट्रल ऑफिस पहुंची, जहां प्रदर्शन समाप्त किया गया।

अभाविप की ओर से चीफ प्रॉक्टर को पद से हटाने के साथ परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रहित से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की मांग की जा रही है। इससे पहले आंदोलन के छठवें दिन 22 छात्रों ने सांकेतिक भूख हड़ताल की थी। सातवें दिन छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया था।

चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग पर अड़े छात्र
छात्रों की प्रमुख मांगों में चीफ प्रॉक्टर और प्रॉक्टोरियल बोर्ड को हटाना, छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और दंडात्मक कार्रवाई की समीक्षा अथवा वापसी, छात्र उत्पीड़न पर रोक और 12 सितंबर को प्रेक्षागृह आवंटन की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच शामिल है। इसके अलावा परिसर में बाहरी लोगों के अनधिकृत प्रवेश पर रोक, संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, अंधेरे स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों की निगरानी बढ़ाने की मांग भी की गई है।

छात्रों ने परिसर में नशाखोरी पर रोक, खानपान की दुकानों पर सीसीटीवी और अनिवार्य मूल्य सूची तथा सुरक्षा कर्मियों के वेतन और सेवा शर्तों में समानता की मांग भी रखी है।

प्रशासन से संवाद और लिखित कार्रवाई की मांग
आंदोलन का नेतृत्व अभाविप बीएचयू इकाई के अध्यक्ष पल्लव सुमन कर रहे हैं। इकाई मंत्री अनुराग तिवारी और छात्र नेता पुनीत मिश्रा भी लगातार छात्रों के साथ धरने में शामिल हैं। छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से संवाद स्थापित कर मांगों पर समयबद्ध और लिखित कार्रवाई की मांग की है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग को छोड़कर छात्रों की अन्य मांगों पर सहमति जताई है। हालांकि, छात्र चीफ प्रॉक्टर को पद से हटाने की मांग पर आंदोलन जारी रखे हुए हैं।

अभाविप की ओर से कहा गया है कि जब तक प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। विश्वविद्यालय में 23 सितंबर से यह आंदोलन चल रहा है और शुरुआती दिनों में भी छात्रों ने मौन प्रदर्शन तथा अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी मांगें उठाई थीं।