सोनम वांगचुक के समर्थन में काशी विद्यापीठ में छात्रों का प्रदर्शन, शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में सोमवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में धरना दिया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन सतर्क रहा और परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय की प्रॉक्टोरियल टीम के साथ सिगरा थाना पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर परिसर में लगातार निगरानी रखी गई ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, हालांकि पूरे परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी कर रही है और असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। छात्रों ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में नारे लगाए और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता आयुष यादव ने कहा कि सरकार लोकतंत्र की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उनका आरोप था कि देशभर में युवा अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की बात सुनी जानी चाहिए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ भी नारेबाजी की। साथ ही प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षामंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अपने विचार रखे और सरकार से युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संवाद स्थापित करने की अपील की।