झारखंड में परीक्षा अनियमितताओं और छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ बीएचयू गेट पर छात्रों का प्रदर्शन, हेमंत सोरेन का पुतला फूंका
वाराणसी। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, अनियमितताओं और आंदोलनरत छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की काशी हिंदू विश्वविद्यालय इकाई ने बुधवार को प्रदर्शन किया। बीएचयू के सिंहद्वार पर जुटे बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और परिषद कार्यकर्ताओं ने झारखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला भी दहन किया गया।
छात्रों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रही कथित गड़बड़ियां लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ-साथ परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती हैं। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा संचालन से जुड़ी शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अभ्यर्थियों में असंतोष बढ़ रहा है। परिषद ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
आंदोलनरत छात्रों की मांगें स्वीकार करने की मांग
ABVP नेताओं ने आरोप लगाया कि झारखंड में छात्र पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद कई अभ्यर्थी आंदोलन और भूख हड़ताल कर रहे हैं। परिषद ने सरकार से आंदोलनरत छात्रों से संवाद कर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक और परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की।
लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच की मांग
ABVP कार्यकर्ताओं ने आंदोलनरत छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखने वाले छात्रों पर बल प्रयोग की शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिषद ने लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की भूमिका की जांच कर जवाबदेही तय करने की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि जांच केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जिस स्तर से बल प्रयोग की अनुमति या निर्देश दिए गए, उसकी भी जांच होनी चाहिए।
सीबीआई जांच की मांग
ABVP के केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रमुख राहुल राणा ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा से जुड़े मामलों की जांच स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने झारखंड में परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थी वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद शामिल होते हैं। यदि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी होती है तो इसका सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ता है। इसलिए सरकार और परीक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और विश्वसनीय हो।
छात्रहित में आंदोलन जारी रखने का ऐलान
राहुल राणा ने कहा कि छात्रों के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभाविप आंदोलनरत अभ्यर्थियों की आवाज को मजबूती से उठाता रहेगा और छात्रहित से जुड़े मुद्दों पर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा। सिंहद्वार पर प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने झारखंड के आंदोलनरत अभ्यर्थियों के समर्थन में नारे लगाए और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग दोहराई। पुतला दहन के दौरान भी झारखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। ABVP नेताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में युवाओं का विश्वास बनाए रखना सरकार और परीक्षा संस्थाओं की जिम्मेदारी है। किसी भी शिकायत की समयबद्ध जांच और दोषियों पर कार्रवाई से ही परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता कायम रखी जा सकती है।