परीक्षा देने के बावजूद अनुपस्थित दिखाने पर भड़के काशी विद्यापीठ के छात्र, किया प्रदर्शन, अनिश्चितकालीन धरने की दी चेतावनी

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में परीक्षा देने के बावजूद छात्रों को अनुपस्थित दिखाए जाने और रिजल्ट में त्रुटियां दूर नहीं होने से नाराज छात्रों ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और परीक्षा परिणाम तैयार करने वाली एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द समस्या का समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी।
 

वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में परीक्षा देने के बावजूद छात्रों को अनुपस्थित दिखाए जाने और रिजल्ट में त्रुटियां दूर नहीं होने से नाराज छात्रों ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और परीक्षा परिणाम तैयार करने वाली एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द समस्या का समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि कई छात्र निर्धारित परीक्षा में शामिल हुए थे, लेकिन परिणाम में उन्हें अनुपस्थित दर्शा दिया गया। इसको लेकर पूर्व में भी छात्रों ने धरना-प्रदर्शन किया था। उस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से परीक्षा संबंधी त्रुटियों को तीन दिन के भीतर ठीक करने का आदेश जारी किया गया था। छात्रों का आरोप है कि आदेश जारी हुए करीब एक सप्ताह बीत गया, लेकिन अब तक कई मामलों में सुधार नहीं किया गया।

छात्रों के मुताबिक, समस्या के समाधान के लिए उन्हें लगातार परीक्षा विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय के परीक्षा संबंधी कार्य को बाहरी एजेंसी के माध्यम से कराया जा रहा है, लेकिन एजेंसी की कार्यप्रणाली की पर्याप्त निगरानी नहीं की जा रही है। छात्रों ने दावा किया कि कुछ मामलों में पैसे लेकर फर्जी तरीके से रिजल्ट तैयार किए जाने की शिकायत भी की गई थी। उनका कहना है कि संबंधित एजेंसी के खिलाफ साक्ष्य के साथ शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने मांग की कि परीक्षा परिणाम में हुई सभी त्रुटियों को तत्काल दूर किया जाए और जिम्मेदार एजेंसी की कार्यप्रणाली की जांच कर कार्रवाई की जाए। छात्रों ने यह भी मांग की कि विश्वविद्यालय के परीक्षा संबंधी कार्य को बाहरी एजेंसी से कराने के बजाय विश्वविद्यालय परिसर में ही कराया जाए, जिससे छात्र अपनी समस्याओं का सीधे समाधान करा सकें।

छात्र शिवम यादव ने कहा कि परीक्षा देने वाले छात्रों को अनुपस्थित दिखाना गंभीर लापरवाही है। वहीं पीड़ित छात्र आयुष यादव ने कहा कि शिकायत और साक्ष्य देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से छात्रों में आक्रोश है। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।