बीएचयू छात्रावासों में ओबीसी आरक्षण के लिए लामबंद हुए छात्र, कुलसचिव को सौंपा ज्ञापन, अनिश्चितकालीन आंदोलन की दी चेतावनी 

बीएचयू के छात्रावासों में 27 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर छात्रों ने आंदोलन तेज कर दिया है। मंगलवार को मांग के समर्थन में छात्र विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखते हुए ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रावासों में ओबीसी आरक्षण लागू करने की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की। साथ ही स्पष्ट किया कि मांग पूरी होने तक उनका क्रमिक आंदोलन जारी रहेगा।
 

वाराणसी। बीएचयू के छात्रावासों में 27 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर छात्रों ने आंदोलन तेज कर दिया है। मंगलवार को मांग के समर्थन में छात्र विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखते हुए ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रावासों में ओबीसी आरक्षण लागू करने की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की। साथ ही स्पष्ट किया कि मांग पूरी होने तक उनका क्रमिक आंदोलन जारी रहेगा।

छात्रों के अनुसार, इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में छात्र केंद्रीय कार्यालय पहुंचे थे। कुलसचिव डॉ. राजन श्रीवास्तव के अवकाश पर होने के कारण छात्रों ने प्रभारी कुलसचिव एवं वित्ताधिकारी डॉ. मनोज पांडेय से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया गया। छात्रों ने आग्रह किया कि उनकी मांग को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाए, ताकि इस पर उचित स्तर पर विचार-विमर्श कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

केंद्रीय पुस्तकालय परिसर में हुई बैठक
छात्रावासों में आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने मंगलवार शाम पांच बजे केंद्रीय पुस्तकालय परिसर स्थित मैदान में बैठक की। इसमें आंदोलन की मौजूदा स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में शामिल छात्रों ने एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का निर्णय लिया। उनका कहना था कि जब तक छात्रावासों में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू करने की मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन क्रमिक रूप से जारी रखा जाएगा।

बुधवार को फिर केंद्रीय कार्यालय पहुंचने का निर्णय
बैठक में यह भी तय किया गया कि बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को छात्र एक बार फिर विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय पहुंचकर कुलसचिव से मुलाकात करने का प्रयास करेंगे। इस दौरान वे अपनी मांगों को दोबारा अधिकारियों के समक्ष रखेंगे और आरक्षण लागू करने के संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन का रुख जानने की कोशिश करेंगे।

छात्रों का कहना है कि छात्रावासों में आरक्षण की मांग को लेकर उनकी पहल आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करेगा और इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएगा। छात्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में आंदोलन की आगे की दिशा प्रशासन की प्रतिक्रिया और कार्रवाई के आधार पर तय की जाएगी।

आंदोलन में कई छात्र रहे शामिल
केंद्रीय कार्यालय में ज्ञापन सौंपने और केंद्रीय पुस्तकालय परिसर में आयोजित बैठक के दौरान निर्भय यादव, हिमांशु यादव, शशि कुमार, धर्मेंद्र पाल, नितिन सोनकर, संदीप प्रजापति, अतुल यादव, आयुष मौर्य, इमरान खान और प्रिंस वीर सहित कई छात्र मौजूद रहे। सभी ने ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर एकजुटता जताई और आंदोलन जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।