धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों ने बताया बड़ी जीत, BHU में निकला 'विक्ट्री मार्च, सांसद सुधाकर सिंह ने दिया समर्थन

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर बीएचयू परिसर में छात्रों ने इसे अपनी बड़ी जीत करार देते हुए शनिवार को मधुबन पार्क में विजय सभा आयोजित की। इस दौरान सैकड़ों छात्र-छात्राएं एकत्र हुए और सभा के बाद मधुबन पार्क से श्री विश्वनाथ मंदिर तक 'विक्ट्री मार्च' निकाला। मार्च के दौरान छात्रों ने भ्रष्टाचार, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा के निजीकरण के विरोध में जमकर नारेबाजी की। कार्यक्रम में बक्सर से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह भी छात्रों के समर्थन में शामिल हुए।
 

वाराणसी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर बीएचयू परिसर में छात्रों ने इसे अपनी बड़ी जीत करार देते हुए शनिवार को मधुबन पार्क में विजय सभा आयोजित की। इस दौरान सैकड़ों छात्र-छात्राएं एकत्र हुए और सभा के बाद मधुबन पार्क से श्री विश्वनाथ मंदिर तक 'विक्ट्री मार्च' निकाला। मार्च के दौरान छात्रों ने भ्रष्टाचार, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा के निजीकरण के विरोध में जमकर नारेबाजी की। कार्यक्रम में बक्सर से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह भी छात्रों के समर्थन में शामिल हुए।

छात्रों ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्र आंदोलन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन यह संघर्ष का अंत नहीं है। उनका कहना था कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और परीक्षा प्रणाली की खामियों के खिलाफ है। छात्रों ने आरोप लगाया कि बीएचयू प्रशासन लगातार आंदोलनरत छात्रों पर दबाव बनाने और उन्हें डराने का प्रयास कर रहा है, लेकिन छात्र इससे पीछे हटने वाले नहीं हैं। वक्ताओं ने कहा कि जितना अधिक छात्रों को डराने की कोशिश की जाएगी, उनका संघर्ष उतना ही मजबूत होगा।


"भ्रष्टाचार खत्म होने तक जारी रहेगा आंदोलन"
सभा में छात्रों ने कहा कि केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार का पूरी तरह अंत होना चाहिए। छात्रों ने कहा कि यह एक दिन या एक व्यक्ति का आंदोलन नहीं, बल्कि लंबी लड़ाई है, जिसे वे अंत तक लड़ेंगे। सभा के दौरान "इंकलाब जिंदाबाद", "छात्र एकता जिंदाबाद" और "शिक्षा बचाओ" जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। छात्र-छात्राएं हाथों में विभिन्न मांगों और संदेशों वाली तख्तियां लेकर मार्च में शामिल हुए।


दिशा छात्र संगठन ने NTA और निजीकरण पर उठाए सवाल
दिशा छात्र संगठन के प्रतिनिधि ध्रुव ने कहा कि छात्रों के आंदोलन ने यह साबित कर दिया है कि संगठित छात्र शक्ति किसी भी सरकार को अपनी बात सुनने के लिए मजबूर कर सकती है। उन्होंने कहा कि छात्र भगत सिंह के विचारों से प्रेरित होकर संघर्ष कर रहे हैं और अन्याय के खिलाफ उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

ध्रुव ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार विवाद सामने आ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि एनटीए जैसी व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जाए। उनका आरोप था कि शिक्षा और परीक्षाओं में बढ़ते निजीकरण से पारदर्शिता प्रभावित होती है और मुनाफे की प्रवृत्ति शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ छात्रों का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

"सड़क से संसद तक लड़ेंगे लड़ाई" : सुधाकर सिंह
कार्यक्रम में शामिल बक्सर से राजद सांसद सुधाकर सिंह ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक उठाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों की यह लड़ाई पूरी तरह न्यायसंगत है और इसे केवल एक इस्तीफे के बाद समाप्त नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए अभी लंबा संघर्ष बाकी है। संसद में भी इस विषय को प्रमुखता से उठाया जाएगा ताकि छात्रों की आवाज राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे।

विश्वनाथ मंदिर तक निकला विजय मार्च
सभा के बाद दिशा छात्र संगठन के नेतृत्व में मधुबन पार्क से काशी विश्वनाथ मंदिर तक विक्ट्री मार्च निकाला गया। मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। छात्राओं के हाथों में विभिन्न स्लोगन लिखी तख्तियां थीं और पूरे मार्ग में "इंकलाब जिंदाबाद", "छात्र एकता जिंदाबाद" तथा भ्रष्टाचार विरोधी नारे लगाए गए। शांतिपूर्ण ढंग से निकाले गए इस मार्च के दौरान छात्रों ने अपनी मांगों को दोहराते हुए स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।