IIT-BHU में छात्रों ने डायरेक्टर कार्यालय का किया घेराव, यूथ पार्लियामेंट्री चुनाव में गड़बड़ी का लगाया आरोप
वाराणसी। आईआईटी-बीएचयू में यूथ पार्लियामेंट्री चुनाव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सोमवार देर शाम को बड़ी संख्या में छात्रों ने संस्थान के डायरेक्टर कार्यालय का घेराव कर चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं का आरोप लगाया। छात्रों के विरोध के बाद डायरेक्टर ने कुछ प्रतिनिधि छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और मामले की जांच का आश्वासन दिया।
चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठाए सवाल
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि यूथ पार्लियामेंट्री चुनाव में पारदर्शिता का अभाव रहा है और संस्था के अधिकारी उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं सुन रहे हैं। छात्रों ने चुनाव प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं की तत्काल निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। छात्रों का कहना है कि जब चुनाव से संबंधित गंभीर आरोप सामने आ रहे थे, तब भी चुनाव प्रक्रिया को जारी रखना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।
फर्जी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने का आरोप
छात्रों ने आरोप लगाया है कि कुछ उम्मीदवारों ने विभिन्न कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए हैं। इन प्रमाणपत्रों में टेक्नेक्स से जुड़े दस्तावेजों के अलावा “साइंस ऑफ यूटोपिया”, “उद्यम वॉलीबॉल”, “एयरोवर्स” के कथित मेरिट सर्टिफिकेट, “कॉस्मिक क्लासिफायर” और “सोलर नेक्सस” के कॉग्निजेंस प्रमाणपत्र तथा नेशनल चेस चैंपियनशिप से संबंधित प्रमाणपत्र शामिल बताए गए हैं। छात्रों ने मांग की है कि इन सभी दस्तावेजों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा जिन उम्मीदवारों पर आरोप सिद्ध हों, उनकी उम्मीदवारी नियमों के अनुसार तत्काल रद्द की जाए।
मुख्य चुनाव अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने संस्थान के मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र लिखकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। पत्र में उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आरोपित उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच आवश्यक है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि वीपी (वाइस प्रेसिडेंट) पद के चुनाव के दौरान एक उम्मीदवार का बहिष्कार किया गया था और कई निर्वाचित सदस्य भी अलग हो गए थे, इसके बावजूद चुनाव संपन्न कराया गया। इस पर छात्रों ने प्रशासन से स्पष्ट जवाब मांगा है।
निदेशक से वार्ता के बाद भी जारी रहेगा विरोध
डायरेक्टर से मुलाकात कर लौटे एक छात्र प्रतिनिधि ने बताया कि मामले की जांच में तीन से चार दिन का समय लग सकता है। हालांकि छात्रों का कहना है कि जब तक दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
प्रशासन का पक्ष: शांतिपूर्वक संपन्न हुई चुनाव प्रक्रिया
इस संबंध में प्राक्टर प्रो. संजय सिंह ने बताया कि शाम पांच बजे तक चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्वक पूर्ण कर लिया गया है और अब तक किसी भी छात्र के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के जो भी आरोप लगाए गए हैं, उनकी गहन जांच कराई जाएगी, ताकि संस्थान की व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।