छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन में बनी सहमति, काशी विद्यापीठ हॉस्टल आवंटन का रोडमैप तय
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में छात्रावासों को खाली कराने और नए आवंटन को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा विवाद आखिरकार बातचीत के जरिए सुलझ गया है। छात्र नेताओं और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद छात्रावासों की खालीकरण और पुनः आवंटन प्रक्रिया की समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है। इस निर्णय के बाद छात्रों में राहत का माहौल देखने को मिल रहा है।
विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने विभिन्न छात्रावासों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की। इस कदम से छात्रों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी। कई छात्र छात्रावास छोड़ने को लेकर चिंतित थे और नए सत्र में आवास की व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए छात्र नेताओं ने प्रशासन से वार्ता की और छात्रों की समस्याओं तथा मांगों को विस्तार से रखा।
बैठक के बाद बनी सहमति के अनुसार 30 जून तक महिला छात्रावास, एलबीएस छात्रावास और एनडी छात्रावास समेत सभी हॉस्टलों को पूरी तरह खाली करा लिया जाएगा। इसके बाद कमरों की साफ-सफाई, रंग-रोगन और आवश्यक मरम्मत का कार्य कराया जाएगा ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र में छात्रों को बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिल सकें।
छात्र नेता आशुतोष तिवारी हर्षित ने बताया कि प्रशासन द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार 1 जुलाई से 15 जुलाई तक छात्रावास आवंटन के लिए आवेदन पत्र जमा किए जाएंगे। इस दौरान विश्वविद्यालय में कोई परीक्षा प्रस्तावित नहीं है, जिससे छात्रों को आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी। 15 जुलाई से 30 जुलाई के बीच द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्रों को छात्रावास आवंटित किए जाएंगे। इसके बाद प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने पर दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले नए छात्रों को प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
वार्ता के दौरान हॉस्टल कमरों में अवैध रूप से एसी लगाए जाने संबंधी चर्चाओं पर भी चर्चा हुई। छात्र नेताओं ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना था कि प्रशासन ने केवल उन्हीं कमरों को खाली कराया है जो अधिकृत रूप से आवंटित नहीं थे।
बैठक में छात्रों ने अपने सामान की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि जिन छात्रों का सामान कमरों में रखा हुआ है, उन्हें आवेदन के आधार पर सुरक्षित रूप से वापस उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा मेस संचालन को लेकर भी छात्रों ने चिंता जताई। उन्होंने मांग की कि हॉस्टल आवंटन के साथ ही मेस व्यवस्था भी शुरू कराई जाए। प्रशासन ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है।