NEET विवाद, बेरोजगारी और सामाजिक न्याय पर सपा का हमला, प्रदेश अध्यक्ष ने 2027 में सत्ता परिवर्तन का किया दावा

नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर समाजवादी पार्टी ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने आरोप लगाया कि सरकार प्रतियोगी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और युवाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष ने वाराणसी में मीडिया से बातचीत में सरकार को घेरने की कोशिश की। 
 

वाराणसी। नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर समाजवादी पार्टी ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने आरोप लगाया कि सरकार प्रतियोगी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और युवाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष ने वाराणसी में मीडिया से बातचीत में सरकार को घेरने की कोशिश की। 

उन्होंने कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं ने छात्रों के मन में भय और असमंजस पैदा कर दिया है। 18 से 20 घंटे तक मेहनत करने वाले छात्र जब परीक्षा से पहले ही पेपर लीक की खबरें सुनते हैं तो उनका मनोबल टूटता है। उन्होंने दावा किया कि केवल नीट ही नहीं, बल्कि कई प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली हो रही है और युवाओं को रोजगार के अवसरों से दूर रखा जा रहा है।

श्यामलाल पाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में “संविधान बचाओ” और “सामाजिक न्याय” को प्रमुख मुद्दा बनाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी दलितों, पिछड़ों, वंचितों और शोषित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है। बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, डॉ. राम मनोहर लोहिया और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव सामाजिक न्याय के उसी मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं।

भाजपा द्वारा समाजवादी पार्टी में टूट की संभावना जताए जाने पर सपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का कोई सांसद या विधायक भाजपा में शामिल होने वाला नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सपा के सभी जनप्रतिनिधि एकजुट हैं और लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के सवाल पर भी उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि यदि भगवान के चढ़ावे में भी अनियमितता के आरोप लग रहे हैं तो जनता स्वयं इसका जवाब देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश की जनता अब जागरूक हो चुकी है और 2027 में बदलाव का फैसला करेगी।