मसालों और मेवे में नहीं मिला सकेंगे रंग, मिलावट पर पाबंदी, खाद्य सुरक्षा औषधि विभाग ने जारी की एडवाइजरी
वाराणसी। खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने सख्ती बढ़ा दी है। मसालों और मेवों में कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है। विभाग के अनुसार, कई खाद्य पदार्थों में रंगों का प्रयोग आकर्षक दिखाने के लिए किया जाता है, लेकिन इनका अनियंत्रित इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। नए निर्देशों के तहत खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों का पालन करना होगा।
विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर जैसे बुनियादी मसालों में किसी भी प्रकार के कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल गैरकानूनी है। इसके अलावा गरम मसाला, चाट मसाला और अन्य मिश्रित मसालों में भी निर्धारित नियमों के विपरीत रंग मिलाने की अनुमति नहीं होगी।
मेवों को आकर्षक बनाने के लिए रंगों का प्रयोग प्रतिबंधित
काजू, बादाम, पिस्ता और किशमिश जैसे सूखे मेवों को अधिक आकर्षक दिखाने के लिए कृत्रिम रंगों का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। खाद्य सुरक्षा विभाग का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की प्राकृतिक गुणवत्ता बनाए रखना और उपभोक्ताओं को मिलावटी उत्पादों से बचाना है।
पेयजल और अन्य खाद्य पदार्थों पर भी नजर
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, पेयजल, प्राकृतिक फलों के ताजे रस, चायपत्ती, कॉफी, शहद, गुड़ और अन्य खाद्य उत्पादों की भी जांच की जाएगी। इन पदार्थों में रंगों के अनधिकृत इस्तेमाल और मिलावट पर कार्रवाई की जाएगी।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
विभाग ने खाद्य कारोबारियों को नियमों का पालन करने की हिदायत दी है। जांच के दौरान मिलावट या प्रतिबंधित रंगों का इस्तेमाल पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि वे खाद्य पदार्थों की खरीदारी करते समय उनकी गुणवत्ता और पैकेजिंग पर ध्यान दें। मसालों और मेवों में असामान्य चमक या अत्यधिक चटक रंग दिखाई देने पर सावधानी बरतें।