वाराणसी में डेंगू-मलेरिया की रोकथाम को लेकर विशेष अभियान शुरू, रैली निकालकर किया जागरूक 

संचारी रोगों की रोकथाम और लोगों को बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के लिए गुरुवार को विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान का शुभारंभ हुआ। श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय, कबीरचौरा से पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जनजागरूकता रैली निकाली गई, जिसे विधायक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 
 

विधायक नीलकंठ तिवारी ने हरी झंडी दिखाकर रैली को किया रवाना, घर-घर पहुंचकर लोगों को जागरूक करेंगी स्वास्थ्य टीमें

वाराणसी। संचारी रोगों की रोकथाम और लोगों को बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के लिए गुरुवार को विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान का शुभारंभ हुआ। श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय, कबीरचौरा से पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जनजागरूकता रैली निकाली गई, जिसे विधायक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 

रैली में नगर निगम के स्वच्छता कर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने भाग लिया। रैली के माध्यम से लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने, घरों और आसपास जलभराव नहीं होने देने तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने के लिए जागरूक किया गया। अभियान के दौरान डेंगू, मलेरिया समेत अन्य संचारी रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।

विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि संचारी रोगों के प्रसार को रोकने के लिए विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि डेंगू और मलेरिया की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। नगर निगम, पंचायती राज, शिक्षा, बाल विकास समेत संबंधित विभागों और आमजन की सहभागिता से ही अभियान को प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने संचारी रोग नियंत्रण को जनआंदोलन का रूप देने पर जोर दिया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने संबंधित विभागों को माइक्रोप्लान के अनुसार गतिविधियां समय से पूरा करने और अभियान की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि घर-घर संपर्क के दौरान आशा और अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता लोगों को संचारी रोगों के लक्षण, बचाव के उपाय और समय पर उपचार की जानकारी देंगे।

उन्होंने आमजन से अपील की कि घर और आसपास पानी जमा न होने दें। बुखार होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच और चिकित्सकीय परामर्श लें। संवेदनशील क्षेत्रों में मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी। स्वास्थ्य टीमें लोगों को स्वच्छता बनाए रखने और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने के लिए जागरूक करेंगी। कार्यक्रम में मंडलीय चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार, डॉ. शिशिर कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी शरदचंद पांडेय समेत नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।