अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में वाराणसी में सपा का प्रदर्शन, बीएचयू सिंहद्वार पर सड़क जाम, पुलिस से नोकझोंक, कई कार्यकर्ता हिरासत में
वाराणसी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को वाराणसी में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अचानक हुए प्रदर्शन के चलते सिंहद्वार के सामने यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया और वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना के बाद कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। कई को पुलिस टांगकर वैन तक ले गई। मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है।
प्रदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सपा कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव की गिरफ्तारी को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई करार दिया। प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारी वापस लेने और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बंद करने की मांग की। सड़क पर बैठकर कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और काफी देर तक धरना जारी रखा।
धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलते ही लंका थाना सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने पहले प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर सड़क खाली करने और यातायात बहाल करने का अनुरोध किया, लेकिन कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। कई कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया, जिससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध करते हुए पुलिस से धक्का-मुक्की भी की। पुलिसकर्मियों ने कई प्रदर्शनकारियों को उठाकर सड़क से हटाया और कुछ को टांगकर पुलिस वाहन तक ले जाते देखा गया। बाद में कई सपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया गया।
इसी दौरान बीएचयू के कुछ छात्र भी मौके पर पहुंच गए। छात्रों की बढ़ती मौजूदगी को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन सक्रिय हो गया। बीएचयू के प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को प्रदर्शन से दूर रहने की अपील की और उन्हें विश्वविद्यालय परिसर के भीतर भेज दिया। इस दौरान हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, लेकिन पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से मामला शांत हो गया। धरने के कारण बीएचयू सिंहद्वार, लंका, रविदास गेट और आसपास के मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से वाहनों का संचालन कराया और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।