गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के खिलाफ सपाइयों का प्रदर्शन, सिलेंडर को बताया ‘कबाड़’, माला पहनाकर किया विदा

रसोई गैस और कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रविवार को अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। शहर के अलग-अलग इलाकों में सपाइयों और स्थानीय लोगों ने महंगाई के खिलाफ आवाज उठाते हुए प्रतीकात्मक तरीके से गैस सिलेंडर को कबाड़ में डालकर और माला पहनाकर “अलविदा” कहकर सरकार की नीतियों का विरोध किया।
 

वाराणसी। रसोई गैस और कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रविवार को अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। शहर के अलग-अलग इलाकों में सपाइयों और स्थानीय लोगों ने महंगाई के खिलाफ आवाज उठाते हुए प्रतीकात्मक तरीके से गैस सिलेंडर को कबाड़ में डालकर और माला पहनाकर “अलविदा” कहकर सरकार की नीतियों का विरोध किया।

शहर के लोहटिया क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने अपने आवास के बाहर अनोखा प्रदर्शन किया। बताया जाता है कि जब एक कबाड़ी इलाके में “लोहा-प्लास्टिक-कागज बेचो” की आवाज लगाते हुए पहुंचा, तब सपा नेता घर से रसोई गैस सिलेंडर लेकर बाहर आए और प्रतीकात्मक रूप से उसे कबाड़ी के झोले में डाल दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार लगातार गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाकर आम जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही है।

वहीं सीर गोवर्धनपुर, वार्ड नंबर 23 में भी सपा से जुड़े कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने बढ़ती महंगाई के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गैस सिलेंडर को माला पहनाकर “अलविदा” कहा और यह संदेश दिया कि लगातार बढ़ती कीमतों के कारण आम लोगों को फिर से चूल्हे पर खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 में कांग्रेस नीत (यूपीए) सरकार के समय घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत करीब 410 रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 916 रुपये तक पहुंच गई है। उनका कहना था कि महंगाई के कारण आम लोगों के लिए रसोई चलाना, बच्चों की पढ़ाई और दवाइयों का खर्च उठाना भी मुश्किल होता जा रहा है।

इस मौके पर समाजवादी पार्टी की बाबा साहेब अम्बेडकर वाहिनी के महानगर अध्यक्ष अमन यादव ने कहा कि महंगाई से गरीब और मध्यम वर्ग की कमर टूट चुकी है और सरकार को तुरंत राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। प्रदर्शन में दीपा यादव, कुमकुम, कलावती देवी, वंदना, माधुरी, ऊषा, अंकित समेत कई स्थानीय महिलाएं, बच्चे और क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे।