गंगा की लहरों पर साइबेरियन पक्षियों का कलरव, विदेशी परिंदों से गुलजार हुए काशी के घाट
ठंड की दस्तक के साथ हजारों किलोमीटर दूर साइबेरिया से पहुंचने लगे प्रवासी पक्षी, नौका विहार के दौरान पर्यटक दाना खिलाकर कैमरे में कैद कर रहे खूबसूरत नजारे
नवंबर से जनवरी तक रहता है विदेशी मेहमानों का प्रवास, पक्षियों की अठखेलियों से घाटों की खूबसूरती में लग रहे चार चांद, नाविकों के कारोबार को भी मिल रही रफ्तार
वाराणसी। धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी के गंगा घाटों पर इन दिनों प्रकृति का खूबसूरत नजारा देखने को मिल रहा है। ठंड की दस्तक के साथ ही हजारों किलोमीटर का सफर तय कर साइबेरियन प्रवासी पक्षियों ने गंगा की लहरों पर डेरा डालना शुरू कर दिया है। पानी के ऊपर अठखेलियां करते और आसमान में झुंड बनाकर उड़ते रंग-बिरंगे परिंदे घाटों की खूबसूरती में चार चांद लगा रहे हैं। इन विदेशी मेहमानों को देखने के लिए पर्यटकों में खासा उत्साह है। सुबह और शाम के समय नौका विहार करने वाले सैलानी गंगा की लहरों के बीच पक्षियों के कलरव का आनंद ले रहे हैं। कई पर्यटक नाव से ही उन्हें दाना खिलाते और इस खूबसूरत पल को अपने कैमरे में कैद करते नजर आ रहे हैं।
रूस के साइबेरिया क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ने और नदियों के जम जाने के कारण ये पक्षी अनुकूल मौसम की तलाश में भारत का रुख करते हैं। हर साल अक्टूबर से इनका आगमन शुरू होता है और जनवरी तक इनकी मौजूदगी बनी रहती है। फरवरी में तापमान बढ़ने के साथ ही ये हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर अपने मूल निवास की ओर लौट जाते हैं। इस दौरान गंगा किनारे इनका ठहराव काशी के पर्यटन आकर्षण को खास बना देता है।
नौका विहार में विदेशी मेहमानों का साथ
गंगा में नौका विहार करने वाले पर्यटकों के लिए साइबेरियन पक्षियों की मौजूदगी खास आकर्षण बन गई है। नाविकों के अनुसार, पक्षियों के आने से घाटों पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ जाती है। सैलानी नाव से पक्षियों के करीब पहुंचकर उन्हें दाना खिलाते हैं और उनके झुंड के साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं। पानी की सतह पर एक साथ उड़ान भरते पक्षियों का नजारा पर्यटकों को रोमांचित कर रहा है।
नाविकों को भी मिल रहा रोजगार
नाविकों का कहना है कि साइबेरियन पक्षियों के आने से नौका विहार की मांग बढ़ जाती है। पर्यटक घाटों के सामान्य भ्रमण के साथ पक्षियों को देखने के लिए भी नाव बुक करते हैं। इससे नाविकों को अतिरिक्त काम मिलता है। गंगा के घाटों पर विदेशी पक्षियों की मौजूदगी काशी के प्राकृतिक सौंदर्य को नया आकर्षण दे रही है। यही वजह है कि इन दिनों गंगा में नौका विहार करने वाले पर्यटकों के लिए साइबेरियन मेहमान आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं।