वरुणा पार के 15 वार्डों में सीवर-पेयजल का होगा विस्तार, 840 करोड़ रुपये से 381 किमी लाइन बिछाने की योजना, मंत्री रविंद्र जायसवाल ने समीक्षा कर दिए निर्देश

वरुणा पार क्षेत्र में सीवर और पेयजल की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 840 करोड़ रुपये की लागत से 381 किलोमीटर लंबी सीवर एवं पेयजल पाइपलाइन बिछाई जाएगी। रविवार को सर्किट हाउस सभागार में प्रदेश सरकार के मंत्री रविंद्र जायसवाल ने विभागीय अधिकारियों और वरुणा पार क्षेत्र के पार्षदों के साथ बैठक कर प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की।
 

वाराणसी। वरुणा पार क्षेत्र में सीवर और पेयजल की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 840 करोड़ रुपये की लागत से 381 किलोमीटर लंबी सीवर एवं पेयजल पाइपलाइन बिछाई जाएगी। रविवार को सर्किट हाउस सभागार में प्रदेश सरकार के मंत्री रविंद्र जायसवाल ने विभागीय अधिकारियों और वरुणा पार क्षेत्र के पार्षदों के साथ बैठक कर प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की।

बैठक में जल निगम समेत संबंधित विभागों के अभियंताओं ने प्रस्तावित सीवर और पेयजल परियोजना की कार्ययोजना का डिजिटल प्रेजेंटेशन दिया। इस दौरान पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों में प्रस्तावित कार्यों की जानकारी अभियंताओं से ली और स्थानीय आवश्यकताओं से भी अवगत कराया। मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि वर्ष 2011 में अमृत योजना के तहत सीवर और पेयजल से संबंधित कार्य कराए गए थे, लेकिन वरुणा पार क्षेत्र के करीब 60 प्रतिशत हिस्से में यह काम शेष रह गया था। अब प्रस्तावित परियोजना के माध्यम से वरुणा पार के 15 वार्डों में सीवर और पेयजल की सुविधा शत-प्रतिशत क्षेत्र तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सीवर समस्या के स्थायी समाधान के लिए शासन स्तर से धनराशि उपलब्ध कराई गई है। मंत्री ने जल निगम के अभियंताओं को निर्देश दिया कि पाइपलाइन बिछाने का काम सुनियोजित तरीके से किया जाए, ताकि निर्माण के दौरान लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने विशेष रूप से सड़क खोदाई को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया कि एक साथ लंबा हिस्सा न खोदा जाए। जितने हिस्से में सीवर लाइन बिछाई जाए, वहां काम पूरा कर सड़क को आवागमन योग्य बनाने के बाद ही अगले हिस्से में खोदाई की जाए। इसी तरह पेयजल पाइपलाइन का काम भी चरणबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा गया।

मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या हीलाहवाली नहीं होनी चाहिए। बैठक में पार्षद रोहित मिश्रा समेत अन्य पार्षद और जल निगम के अधिकारी मौजूद रहे।