काशी के 26 वार्डों में बिछेंगी सीवर और पेयजल लाइनें, 26.79 करोड़ की परियोजनाओं को कैबिनेट की मंजूरी
चितईपुर, लहरतारा और ट्रांस वरुणा जोन के इलाकों को मिलेगा लाभ, स्वीकृति के बाद टेंडर प्रक्रिया का रास्ता साफ
वाराणसी। शहर के 26 वार्डों में सीवर और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को वाराणसी के चितईपुर, लहरतारा और ट्रांस वरुणा जोन से जुड़ी सीवरेज एवं पेयजल परियोजनाओं को मंजूरी दे दी। इन परियोजनाओं पर कुल 2678.92 लाख रुपये यानी करीब 26.79 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मंजूरी मिलने के बाद संबंधित क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने के लिए टेंडर और निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।
नगर निगम के अनुसार, इन परियोजनाओं का उद्देश्य पुराने शहरी इलाकों और विस्तारित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति तथा जल निकासी की समस्याओं का समाधान करना है। परियोजनाओं के पूरा होने से संबंधित वार्डों में सीवर ओवरफ्लो और जल संकट जैसी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
तीन जोन के 26 वार्डों में होगा काम
चितईपुर जोन: इस जोन के भगवानपुर, छित्तूपुर खास, सीर गोवर्धनपुर, सुसुवाही, कंदवा और करौदी सहित छह वार्डों में पेयजल योजना के लिए 227.90 लाख रुपये और सीवर योजना के लिए 748.90 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
लहरतारा जोन: लहरतारा, मंडुवाडीह, फुलवरिया, शिवदासपुर, लोहता, मढ़ौली और ककरमत्ता के सात वार्डों में पेयजल व्यवस्था के लिए 214.21 लाख रुपये तथा सीवर लाइन के लिए 630.64 लाख रुपये की मंजूरी मिली है।
ट्रांस वरुणा जोन: इस जोन के 13 पुराने वार्डों में सरसौली, तरना, पांडेयपुर, नारायणपुर, दानियालपुर, अकथा, सारनाथ, पहड़िया, खजुरी, रमरेपुर, डिठोरी महाल, सिकरौल और शिवपुर शामिल हैं। यहां पेयजल योजना के लिए 252.85 लाख रुपये और सीवर योजना के लिए 604.42 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं।
अमृत-2.0 के तहत भी चल रहा काम
इससे पहले शहर के 22 वार्डों में सीवर और पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए अमृत-2.0 योजना के तहत 2161 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी मिली थी। इसके अंतर्गत 353.13 किलोमीटर सीवर लाइन और 651.64 किलोमीटर पेयजल पाइपलाइन बिछाई जानी है। इस परियोजना का काम भी शुरू हो चुका है।
गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा होगा निर्माण
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि कैबिनेट की मंजूरी से शहर के 26 और वार्डों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी कराकर मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य शुरू कराने पर जोर दिया जाएगा, ताकि नागरिकों को सीवर और पेयजल संबंधी समस्याओं से राहत मिल सके।