एक हाथ से दिव्यांग सात वर्षीय अक्षत की अनूठी कला, पेंटिंग में उतारी प्रभु श्रीराम से मोदी-योगी तक की आकृति
प्रधानमंत्री के स्वागत में नन्हे कलाकार ने बनाई खास तस्वीर, भाई सर्वेश ने कैनवास पर उकेरा एयर शो का दृश्य
दोनों भाइयों की चित्रकारी के मुरीद हो चुके हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पत्र लिखकर बढ़ा चुके हैं हौसला, अक्षत ने काशी विश्वनाथ धाम और प्रभु श्रीराम को भी दी जगह
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर को कैनवास पर उकेरा, बचपन से ही चित्रकारी में रुचि रखते हैं दोनों भाई
वाराणसी। हुनर किसी शारीरिक चुनौती का मोहताज नहीं होता। मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर अभ्यास के दम पर मुश्किलों को भी पीछे छोड़ा जा सकता है। काशी के सात वर्षीय अक्षत विश्वकर्मा ने अपनी चित्रकारी से इस बात को चरितार्थ किया है। एक हाथ से दिव्यांग अक्षत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी आगमन पर उनके स्वागत के लिए विशेष पेंटिंग तैयार की है। इसमें प्रभु श्रीराम, काशी विश्वनाथ धाम, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरों को उकेरा है। छोटी उम्र में उसकी इस कलात्मक प्रतिभा और लगन की चर्चा हो रही है।
प्रधानमंत्री के वाराणसी दौरे और गंगा के ऊपर आयोजित भारतीय वायुसेना के हवाई प्रदर्शन को लेकर काशी में उत्साह का माहौल है। इसी उत्साह को अक्षत ने रंगों के जरिए अपनी पेंटिंग में उतारने का प्रयास किया है। उसकी तस्वीर में धार्मिक आस्था के साथ काशी की पहचान और समकालीन गतिविधियों की झलक भी दिखाई देती है।
एक हाथ से रंगों में उकेरी काशी की पहचान
अक्षत ने अपनी पेंटिंग में प्रभु श्रीराम और काशी विश्वनाथ धाम के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को स्थान दिया है। एक हाथ से दिव्यांग होने के बावजूद चित्रकारी के प्रति उसका समर्पण और बारीकी से चित्र बनाने की कोशिश उसकी रचनात्मकता को दर्शाती है। परिवार के सदस्य भी उसकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करते हैं। अक्षत की बुआ ज्योति विश्वकर्मा के अनुसार, दोनों भाइयों को बचपन से ही पेंटिंग बनाने का शौक है। वे लगातार नए-नए चित्र बनाते रहते हैं और अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से कागज पर उतारते हैं।
भाई सर्वेश ने बनाई एयर शो की तस्वीर
अक्षत के भाई सर्वेश ने भी प्रधानमंत्री के वाराणसी दौरे से प्रेरित होकर अपनी कला का प्रदर्शन किया है। उसने नमोघाट पर आयोजित वायुसेना के हवाई प्रदर्शन को अपनी पेंटिंग का विषय बनाया। उसकी तस्वीर में लड़ाकू विमान, नमोघाट और बाबा विश्वनाथ की छवि को दर्शाया गया है। दोनों भाइयों की पेंटिंग में अलग-अलग कल्पनाओं के जरिए काशी की धार्मिक विरासत और एयर शो को लेकर उत्साह की झलक मिलती है। अक्षत ने जहां प्रभु श्रीराम, विश्वनाथ धाम और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की तस्वीर बनाई, वहीं सर्वेश ने हवाई प्रदर्शन के दृश्य को रंगों में उकेरा।
प्रधानमंत्री पत्र लिखकर बढ़ा चुके हैं हौसला
दोनों भाइयों की चित्रकारी को पहले भी सराहना मिल चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों को पत्र लिखकर उनका हौसला बढ़ा चुके हैं। प्रधानमंत्री की ओर से मिले प्रोत्साहन ने बच्चों और उनके परिवार का उत्साह बढ़ाया है। परिवार के मुताबिक, दोनों बच्चे बचपन से ही चित्रकारी में रुचि रखते हैं और समय मिलने पर नई-नई पेंटिंग बनाते हैं।
प्रतिभा और आत्मविश्वास की मिसाल
अक्षत की कला यह संदेश देती है कि शारीरिक चुनौतियां प्रतिभा और सपनों के रास्ते में अनिवार्य बाधा नहीं बनतीं। एक हाथ से दिव्यांग होने के बावजूद सात वर्षीय अक्षत की चित्रकारी के प्रति लगन प्रेरणा देती है। वहीं, उसका भाई सर्वेश भी अपनी कल्पनाशीलता से अलग पहचान बना रहा है।