सीसीटीवी निगरानी में होगी यूपी बोर्ड कॉपियों की स्क्रूटनी, जून अंत तक मिल सकती है मार्कशीट

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट छात्र-छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रूटनी प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी में लगभग 10 हजार कॉपियों की दोबारा जांच सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कराई जाएगी। बोर्ड प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। स्क्रूटनी का कार्य 15 जून तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
 

वाराणसी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट छात्र-छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रूटनी प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी में लगभग 10 हजार कॉपियों की दोबारा जांच सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कराई जाएगी। बोर्ड प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। स्क्रूटनी का कार्य 15 जून तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय के अपर सचिव भास्कर मिश्रा ने बताया कि इंटरमीडिएट की 8 हजार से अधिक तथा हाईस्कूल की 1600 से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रूटनी की जानी है। इस कार्य के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखेगी। साथ ही संबंधित विषयों के अनुभवी शिक्षकों को भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जा सके।

उन्होंने बताया कि स्क्रूटनी के दौरान प्रत्येक चरण की रिकॉर्डिंग सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जाएगी। इससे छात्रों और अभिभावकों के बीच प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा किसी प्रकार की शिकायत या विवाद की स्थिति में रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।

वहीं, बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके विद्यार्थियों को अपनी मूल मार्कशीट प्राप्त करने के लिए अभी कुछ और इंतजार करना होगा। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार जून माह के अंतिम सप्ताह तक मार्कशीट वितरण की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

इसके अलावा वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय से संबद्ध लगभग दस जिलों से मार्कशीट संशोधन के लिए 4697 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें छात्र-छात्राओं के नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि, जेंडर और फोटो संबंधी त्रुटियों को सुधारने के अनुरोध शामिल हैं। प्राप्त आवेदनों में सबसे अधिक 1275 आवेदन नाम संशोधन से संबंधित हैं।

बोर्ड प्रशासन का कहना है कि स्क्रूटनी और संशोधन दोनों कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और प्रवेश प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।