संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में सजा सरस मेला, देश भर के उत्पादों का प्रदर्शन
वाराणसी। दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत रीजनल (राष्ट्रीय स्तर) सरस मेला वाराणसी-2026 का भव्य शुभारंभ शुक्रवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में हुआ। जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने दीप प्रज्ज्वलन कर मेले का उद्घाटन किया। शुभारंभ के अवसर पर विख्यात शंख वादक राम जनम योगी के शंखनाद ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।
मेले में तेलंगाना, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, गुजरात और महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों के 100 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर सिल्क साड़ियां, जूट बैग, कालीन, अचार-मुरब्बा, आर्टिफिशियल ज्वेलरी और विभिन्न खाद्य उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। वाराणसी में यह सरस मेला पांचवीं बार आयोजित किया जा रहा है। भारत सरकार और राज्य सरकार के सहयोग से राजधानी लखनऊ और सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में ऐसे क्षेत्रीय सरस मेले आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने महिला समूहों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी’ योजना से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने स्थानीय महिलाओं को अन्य राज्यों से आई महिला उद्यमियों के साथ संवाद कर अनुभव और विपणन की जानकारी साझा करने की सलाह दी। जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से अधिक परिवार स्वयं सहायता समूहों से जुड़े हैं और वाराणसी में अब तक 1.47 लाख महिलाएं आजीविका मिशन से लाभान्वित हो चुकी हैं। ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत जनपद में 81 हजार से अधिक महिलाएं चिन्हित की गई हैं। उन्होंने महिलाओं से किसी न किसी आजीविका गतिविधि से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन सुजीत चौबे ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी संजय नायक ने दिया। प्रथम दिवस पर पंडित दुर्गा प्रसाद की टीम ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। मेले में सैकड़ों महिला समूहों की सहभागिता से उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा।