बेरोजगारी के खिलाफ वाराणसी की सड़कों पर उतरे संजय सिंह, ‘रोजगार दो–सामाजिक न्याय दो’ पदयात्रा का आगाज
वाराणसी। बेरोजगारी और सामाजिक न्याय के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी ने वाराणसी में बड़ा सियासी संदेश दिया है। राज्यसभा सांसद संजय सिंह की अगुवाई में ‘रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो’ पदयात्रा की शुरुआत हुई, जो अगले चार दिनों तक शहर में चलेगी। पदयात्रा के जरिए पार्टी ने सीधे तौर पर बेरोजगारी को सबसे बड़ा संकट बताते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोला।
देश में बेरोजगारों की सबसे बड़ी फौज: संजय सिंह
पदयात्रा के दौरान मीडिया से बातचीत में संजय सिंह ने कहा कि देश में बेरोजगारों की सबसे बड़ी फौज खड़ी हो चुकी है और सभी राज्यों में सबसे ज्यादा बेरोजगारी उत्तर प्रदेश में है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार देने में विफल रही है, जिससे युवा हताश और परेशान हैं।
रोजगार नहीं तो 10 हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता दे सरकार
संजय सिंह ने मांग की कि अगर सरकार युवाओं को रोजगार नहीं दे सकती, तो कम से कम 10 हजार रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चाहे तो इसके बदले युवाओं से प्रतिदिन दो घंटे का सरकारी काम ले सकती है, लेकिन युवाओं को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलना चाहिए।
चार दिन तक वाराणसी में चलेगी पदयात्रा
आम आदमी पार्टी की यह पदयात्रा वाराणसी में चार दिनों तक अलग-अलग इलाकों से होकर गुजरेगी। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस दौरान आम लोगों, खासकर युवाओं से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी जाएंगी और उन्हें आंदोलन से जोड़ा जाएगा।
मणिकर्णिका घाट मामले में सरकार पर सीधा हमला
पदयात्रा के दौरान संजय सिंह ने मणिकर्णिका घाट से जुड़े मामलों पर भी कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने गलत काम किया, उनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उनके ऊपर ही मुकदमे दर्ज कर दिए गए। उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी इस मामले की कानूनी लड़ाई लड़ेगी।
हिंदू आस्था पर चोट का आरोप
संजय सिंह ने सवाल उठाया कि हिंदू धर्म की आस्था पर चोट पहुंचाने का अधिकार किसने दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मणिकर्णिका घाट पर मूर्तियों को तोड़ने जैसी घटनाओं ने लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि जो भी इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
राजनीतिक सरगर्मी तेज
आम आदमी पार्टी की पदयात्रा से वाराणसी की राजनीति में सरगर्मी बढ़ गई है। पार्टी का दावा है कि बेरोजगारी जैसे मुद्दे पर जनता उसके साथ है और आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज होगा। पदयात्रा के जरिए आप ने साफ संकेत दिया है कि वह रोजगार और सामाजिक न्याय को लेकर सड़कों से संसद तक आवाज उठाती रहेगी।