वाराणसी के दुर्गाकुंड में वेतन कटौती से भड़के सफाईकर्मी, सड़क पर उतरकर किया प्रदर्शन, सुपरवाइजर पर उत्पीड़न के आरोप

वाराणसी। नगर निगम के सफाईकर्मियों ने वेतन कटौती और कथित उत्पीड़न के विरोध में दुर्गाकुंड चौकी के पास जोरदार प्रदर्शन किया। नाराज कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नियमित रूप से ड्यूटी करने के बावजूद उनकी तनख्वाह काटी जा रही है। इससे उनके सामने परिवार चलाने से लेकर बच्चों की पढ़ाई और इलाज तक का संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने सुपरवाइजर आरती तिवारी पर वेतन कटौती और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए। वहीं, दुर्गाकुंड वार्ड के पार्षद अक्षवर सिंह भी सफाईकर्मियों के समर्थन में सामने आए और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
 
  • नियमित ड्यूटी के बावजूद वेतन काटने का आरोप 
  • पार्षद अक्षवर सिंह ने सुपरवाइजर की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल 
  • क्षेत्र में 20 से अधिक स्थानों पर कूड़े का अंबार होने का दावा

वाराणसी। नगर निगम के सफाईकर्मियों ने वेतन कटौती और कथित उत्पीड़न के विरोध में दुर्गाकुंड चौकी के पास जोरदार प्रदर्शन किया। नाराज कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नियमित रूप से ड्यूटी करने के बावजूद उनकी तनख्वाह काटी जा रही है। इससे उनके सामने परिवार चलाने से लेकर बच्चों की पढ़ाई और इलाज तक का संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने सुपरवाइजर आरती तिवारी पर वेतन कटौती और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए। वहीं, दुर्गाकुंड वार्ड के पार्षद अक्षवर सिंह भी सफाईकर्मियों के समर्थन में सामने आए और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।

ड्यूटी पूरी तो वेतन में कटौती क्यों? सफाईकर्मियों ने उठाए सवाल
प्रदर्शन कर रहे स्थायी सफाईकर्मियों ने बताया कि वे प्रतिदिन निर्धारित समय पर अपनी ड्यूटी करते हैं और क्षेत्र में साफ-सफाई की जिम्मेदारी निभाते हैं। इसके बावजूद उनके वेतन से पैसे काटे जा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें वेतन कटौती का स्पष्ट कारण भी नहीं बताया जा रहा है।

सफाईकर्मियों ने सवाल उठाया कि जब वे नियमित रूप से काम कर रहे हैं तो उनकी तनख्वाह में कटौती किस आधार पर की जा रही है? कर्मचारियों के मुताबिक, वेतन कम मिलने से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। बच्चों की स्कूल फीस, रोजमर्रा की जरूरतें और परिवार के सदस्यों के इलाज का खर्च उठाने में परेशानी हो रही है।

कर्मचारियों ने मांग की कि उनकी उपस्थिति और वेतन कटौती से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कराई जाए। साथ ही गलत तरीके से काटे गए वेतन का भुगतान कराया जाए।

पार्षद ने सुपरवाइजर पर लगाए गाली-गलौज और उत्पीड़न के आरोप
सफाईकर्मियों के प्रदर्शन के बीच दुर्गाकुंड वार्ड के पार्षद अक्षवर सिंह ने भी कर्मचारियों की शिकायतों का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ से दो महीने से सफाईकर्मियों को वेतन कटौती और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
पार्षद ने सुपरवाइजर आरती तिवारी पर कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज करने और उनका उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सफाईकर्मियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनका समाधान करने के बजाय उन्हें परेशान किया जा रहा है।

इस मामले को लेकर पार्षद और सुपरवाइजर के बीच तीखी बयानबाजी भी सामने आई है। हालांकि, सुपरवाइजर आरती तिवारी का विस्तृत पक्ष अभी सामने नहीं आया है।

सुपरवाइजर की तैनाती पर भी सवाल, जेडएसओ का नाम लिया
पार्षद अक्षवर सिंह ने सुपरवाइजर आरती तिवारी की तैनाती को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि आरती तिवारी की तैनाती क्षेत्रीय सफाई अधिकारी (जेडएसओ) राजीव चौधरी की कृपा से हुई है।

पार्षद ने इस मामले में अधिकारियों की भूमिका और सुपरवाइजर की कार्यप्रणाली की जांच कराने की मांग की। हालांकि, तैनाती को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।

क्षेत्र में 20 से अधिक स्थानों पर कूड़ा जमा होने का दावा
वेतन कटौती और कर्मचारियों के कथित उत्पीड़न के साथ दुर्गाकुंड क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। पार्षद अक्षवर सिंह ने दावा किया कि हाल ही में क्षेत्रीय विधायक ने इलाके का निरीक्षण किया था। इस दौरान 20 से अधिक स्थानों पर कूड़ा जमा मिला।

पार्षद ने कहा कि सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी तय होने के बावजूद क्षेत्र में जगह-जगह कूड़ा जमा होना गंभीर मामला है। उन्होंने नगर निगम की सफाई व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

उनका कहना है कि एक तरफ सफाईकर्मी वेतन कटौती और उत्पीड़न की शिकायत कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्र में सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

उच्चस्तरीय जांच और पूरा वेतन दिलाने की मांग
प्रदर्शनकारी सफाईकर्मियों ने नगर निगम प्रशासन से वेतन कटौती के कारणों की जांच कराने और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, इसलिए उन्हें नियमानुसार पूरा वेतन मिलना चाहिए।

वहीं, पार्षद अक्षवर सिंह ने सुपरवाइजर पर लगे आरोपों, वेतन कटौती और क्षेत्र की सफाई व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

फिलहाल इस मामले में नगर निगम प्रशासन की ओर से किसी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सुपरवाइजर और संबंधित अधिकारियों का पक्ष भी आना बाकी है। ऐसे में अब सफाईकर्मियों की शिकायतों पर नगर निगम प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।