काशी में संघ का पथ संचलन, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का दिखा संगम

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रथम उत्सव वर्ष प्रतिपदा के उपलक्ष्य में रविवार को काशी महानगर में भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। वाराणसी के दक्षिण, उत्तर और मध्य—तीनों भागों में एक साथ निकले इस संचलन में हजारों स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में कदमताल करते हुए अनुशासन और एकता का संदेश दिया। शहर की सड़कों पर “भारत माता की जय” के उद्घोष से वातावरण राष्ट्रभक्ति से सराबोर हो गया।
 

वाराणसी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रथम उत्सव वर्ष प्रतिपदा के उपलक्ष्य में रविवार को काशी महानगर में भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। वाराणसी के दक्षिण, उत्तर और मध्य तीनों भागों में एक साथ निकले इस संचलन में हजारों स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में कदमताल करते हुए अनुशासन और एकता का संदेश दिया। शहर की सड़कों पर “भारत माता की जय” के उद्घोष से वातावरण राष्ट्रभक्ति से सराबोर हो गया।

काशी दक्षिण भाग में दुर्गाकुंड स्थित धर्मसंघ शिक्षा मंडल से संचलन प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता युद्धवीर जी ने कहा कि स्वयंसेवक समाज को साथ लेकर चलने वाला इंजन है। उन्होंने केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि संघ की शाखा पद्धति व्यक्ति में आत्मविश्वास और संस्कारों का निर्माण करती है। उन्होंने कहा कि संगठन की शक्ति नियमित मिलन और निस्वार्थ भाव से कार्य करने में निहित है। इस दौरान संचलन आईपी विजया चौराहा, शिवाला, अस्सी और लंका मार्ग से होते हुए पुनः कार्यक्रम स्थल पर समाप्त हुआ।

काशी उत्तर भाग में भोजूबीर स्थित विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी के महावीर मंदिर परिसर से निकले संचलन में भी बड़ी संख्या में स्वयंसेवक शामिल हुए। मुख्य वक्ता चंद्रमोहन जी ने कहा कि संघ का मूल कार्य व्यक्ति निर्माण है, जिससे समाज और व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने संघ की कार्यपद्धति को नित्य और नैमित्तिक कार्यों में विभाजित बताते हुए शाखा के महत्व पर प्रकाश डाला। संचलन अर्दली बाजार क्षेत्र से होकर पुनः मंदिर परिसर पहुंचा, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ। रास्ते में नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया।

काशी मध्य भाग में सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर से निकले पथ संचलन में अनुशासन और संगठन की झलक स्पष्ट दिखाई दी। भगवा ध्वज के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने घोष वादन के साथ शहर के प्रमुख मार्गों जगतगंज, लहुराबीर, मलदहिया और तेलियाबाग से गुजरते हुए संचलन किया। तीनों भागों में आयोजित इस पथ संचलन ने काशी में एक अलग ही वातावरण निर्मित किया। नागरिकों ने जगह-जगह खड़े होकर स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया और जयघोष के साथ राष्ट्रभक्ति का प्रदर्शन किया।