संपूर्ण समाधान दिवस : राजातालाब तहसील में एसडीएम ने सुनी लोगों की फरियाद, 251 शिकायतों में सिर्फ 15 का मौके पर निस्तारण

राजातालाब तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी शांतुन कुमार सिनसिनवार ने बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में सड़क, चक रोड, बंजर भूमि व सार्वजनिक संपत्तियों पर कब्जा, नामांतरण में गड़बड़ी, त्रुटिपूर्ण अभिलेख, खाद्य आपूर्ति, पेयजल, बिजली आपूर्ति तथा स्मार्ट मीटर से अधिक बिल आने जैसी शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। इस दौरान 251 शिकायतों में से सिर्फ 15 का मौके पर निस्तारण किया गया। 
 

वाराणसी। राजातालाब तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी शांतुन कुमार सिनसिनवार ने बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में सड़क, चक रोड, बंजर भूमि व सार्वजनिक संपत्तियों पर कब्जा, नामांतरण में गड़बड़ी, त्रुटिपूर्ण अभिलेख, खाद्य आपूर्ति, पेयजल, बिजली आपूर्ति तथा स्मार्ट मीटर से अधिक बिल आने जैसी शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। इस दौरान 251 शिकायतों में से सिर्फ 15 का मौके पर निस्तारण किया गया। 

कार्यक्रम में बेनीपुर गांव की निवासी लक्ष्मीना ने वरासत निरस्त किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि खातेदार की मृत्यु के बाद उन्होंने वरासत के लिए आवेदन किया था, लेकिन क्षेत्रीय लेखपाल ने त्रुटि बताकर प्रकरण खारिज कर दिया। इस पर एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लेखपाल को फटकार लगाई और जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।

नगर पंचायत गंगापुर के बिहारी लाल ने कई लोगों के साथ पहुंचकर प्रीपेड स्मार्ट मीटर से अत्यधिक बिजली बिल आने की समस्या उठाई। वहीं मिर्जामुराद के डंगहरिया गांव निवासी कोटाधारक बैजनाथ सिंह पटेल ने चौथी बार प्रार्थना पत्र देकर दुकान की मरम्मत और सरकारी योजनाओं व दरों की जानकारी बोर्ड पर अंकित कराने की मांग रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष इस कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहा है।

डोमैला गांव के अरुण कुमार पांडेय ने गांव के सरकारी रास्ते पर अवैध कब्जा और बाउंड्री वॉल निर्माण की शिकायत की, जिस पर अधिकारियों ने जांच के निर्देश दिए। समाधान दिवस में कुल 251 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से मात्र 15 का मौके पर निस्तारण किया जा सका। शेष मामलों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

अंत में ने सभी विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों से जुड़ी शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।