बीएचयू में पीएचडी एडमिशन को लेकर छात्र का धरना जारी, सपा एमएलसी लाल बिहारी यादव ने दिया समर्थन, कहा – राज्यसभा और विधानसभा में उठेगा मुद्दा

 
shivam sonkar
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में पीएचडी में प्रवेश की मांग को लेकर शिवम सोनकर नामक छात्र पिछले आठ दिनों से कुलपति आवास के सामने धरने पर बैठा है। उनकी मांगों को लेकर अब राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। शिवम की आवाज लगातार बुलंद होती जा रही है, और हर दिन कोई न कोई नेता या संगठन उनके समर्थन में आ रहा है।

शिवम सोनकर के धरने को विभिन्न विधायकों, एमएलसी, पूर्व विधायकों, संगठनों के राष्ट्रीय व प्रदेश पदाधिकारियों और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। कई नेता उनसे मिलकर उनकी मांगों को समझ रहे हैं और उनके साथ खड़े होने की बात कह रहे हैं।

shivam sonkar

शिवम की मांग राज्यसभा और विधानसभा तक पहुंचेगी: सपा

शिवम सोनकर की मांगों को अब विधानसभा और राज्यसभा में भी उठाने की बात हो रही है। उनके समर्थन में शुक्रवार को सपा के विधान परिषद नेता लाल बिहारी यादव धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने शिवम से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।

राज्यपाल और राष्ट्रपति को भेजी जाएगी सूचना: लाल बिहारी यादव

लाल बिहारी यादव ने कहा कि वे इस मामले को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और राष्ट्रपति तक पहुंचाएंगे और शिवम को न्याय दिलाने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और सरकार को इस मुद्दे पर जवाब देना होगा।

सरकार पर लगाया तानाशाही का आरोप

सपा नेता ने वर्तमान सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों का ध्यान शिक्षा से भटकाने के लिए मंदिर-मस्जिद और राणा सांगा-औरंगज़ेब जैसे मुद्दों को हवा दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने की कोशिश कर रही है।

सुमन जी का जिक्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा

लाल बिहारी यादव ने सपा सांसद रामजी सुमन के मामले का भी जिक्र किया और कहा कि किसी द्वारा लिखी गई किताब को पढ़ने मात्र से उनके घर पर बवाल किया जा रहा है। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया और कहा कि सरकार असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने में लगी हुई है।