वाराणसी में सपा ने गाय के साथ किया प्रदर्शन, गाय को राष्ट्र पशु घोषित करने की उठी मांग
वाराणसी। गाय को राष्ट्र पशु घोषित किए जाने की मांग को लेकर सोमवार को वाराणसी में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। सपा नेता जीशान अंसारी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। हाथों में पोस्टर और बैनर लिए प्रदर्शनकारियों ने “गौमाता को राष्ट्र पशु घोषित करो” और “गाय हमारी आस्था है” जैसे नारे लगाकर अपनी मांग को बुलंद किया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि गाय केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। जीशान अंसारी ने कहा कि गाय को राजनीतिक नजरिए से देखने के बजाय उसके सामाजिक, धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में गाय को मां के समान सम्मान दिया जाता है और यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। जीशान अंसारी ने दावा किया कि गाय का दूध और घी स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में भी गाय से जुड़े उत्पादों का विशेष महत्व बताया गया है। उनके मुताबिक, देश के कई बड़े नेता और संत भी समय-समय पर गाय संरक्षण की वकालत करते रहे हैं।
उन्होंने मुस्लिम समाज की ओर से भी गौवध पर रोक की मांग का समर्थन किया। जीशान अंसारी ने कहा, “देश का मुसलमान न गाय काटना चाहता है, न उसका मांस खाना चाहता है और न ही उसके व्यापार से जुड़ना चाहता है। गाय की सेवा और संरक्षण होना चाहिए। सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।” सपा नेता ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा चलाए जा रहे अभियान का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्र पशु घोषित करने की मांग पूरी तरह उचित है और इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजने की कोशिश की। हालांकि, प्रशासनिक रोक की बात भी सामने आई। इस पर सपा नेताओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है। सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।