वाराणसी के एनसीईओ में देश भर के पहलवानों का स्किल टेस्ट शुरू, साक्षी मलिक व विनेश फोगाट को ट्रेनिंग देने वाले चीफ कोच और द्रोणाचार्य अवार्डी परखेंगे दक्षता
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की पहल का असर अब वाराणसी में भी साफ दिखाई देने लगा है। सिगरा स्थित अत्याधुनिक नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE) में रेस्लिंग खिलाड़ियों के चयन के लिए स्किल टेस्ट का आयोजन किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मानकों पर विकसित इस केंद्र में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे युवा पहलवान अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
साई सेंटर वाराणसी के प्रभारी सुधांशु द्विवेदी ने बताया कि आवासीय प्रशिक्षण योजना के तहत रेस्लिंग खिलाड़ियों के चयन के लिए ट्रायल आयोजित किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में 30 महिला और 111 पुरुष खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। चयन के लिए उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक सहित कई राज्यों से खिलाड़ी वाराणसी पहुंचे हैं।
उन्होंने बताया कि इस बार कुल 36 सीटों पर खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा और सभी रिक्तियां भरी जाएंगी। इसके साथ ही प्रत्येक भार वर्ग में दो से तीन खिलाड़ियों की वेटिंग लिस्ट भी तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि जुलाई माह में कई खिलाड़ी 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं अथवा अन्य शैक्षणिक कारणों से ट्रायल में शामिल नहीं हो पाते हैं। इसे देखते हुए वेटिंग सूची बनाई जा रही है, ताकि भविष्य में रिक्त होने वाली सीटों पर योग्य खिलाड़ियों को अवसर मिल सके।
सुधांशु द्विवेदी के अनुसार, प्रारंभिक चयन के बाद लगभग 60 से 70 खिलाड़ियों की सूची तैयार की जाएगी, जिसमें से 36 खिलाड़ियों को आवासीय प्रशिक्षण के लिए अंतिम रूप से चुना जाएगा। चयन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और तकनीकी मानकों के अनुरूप संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों के मूल्यांकन के लिए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) और डीआईडीसी, दिल्ली द्वारा नामित विशेषज्ञों की टीम वाराणसी पहुंची है। टीम में दो द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित प्रशिक्षक भी शामिल हैं। वहीं रेस्लिंग के मुख्य कोच लखनऊ से आए हैं, जो ओलंपियन पहलवान साक्षी मलिक और विनेश फोगाट को भी प्रशिक्षण दे चुके हैं।
वाराणसी के एनसीईओ में भविष्य में रेस्लिंग के साथ-साथ बॉक्सिंग, तलवारबाजी (फेंसिंग) और शूटिंग जैसी खेल विधाओं में भी खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पूर्वांचल के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा निखारने के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।