छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, पुलिस कमिश्नर और डीएम ने वसंता डिग्री कॉलेज का किया निरीक्षण, दिए निर्देश
वाराणसी। छात्राओं को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने जिलाधिकारी के साथ राजघाट स्थित वसन्ता महिला महाविद्यालय का संयुक्त भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने महाविद्यालय परिसर का पैदल निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का गहन जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पुलिस आयुक्त ने महाविद्यालय के प्रवेश एवं निकास द्वार, संवेदनशील स्थानों, छात्राओं की दैनिक आवाजाही के मार्ग तथा आसपास के क्षेत्रों का सूक्ष्म अवलोकन किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत छात्राओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पुलिस आयुक्त ने छात्राओं से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित किया। इस संवाद कार्यक्रम में छात्राओं ने अपनी समस्याओं, सुझावों एवं अपेक्षाओं को खुलकर रखा। पुलिस आयुक्त ने उन्हें महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा आपात परिस्थितियों में पुलिस से सहायता प्राप्त करने के विभिन्न माध्यमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि किसी भी प्रकार की समस्या या असामाजिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
छात्राओं को सुरक्षित माहौल प्रदान करने के लिए पुलिस आयुक्त ने नियमित पुलिस गश्त, सतत चेकिंग और त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर प्रभारी निरीक्षक आदमपुर को विशेष रूप से निर्देशित किया। कहा कि थाने की एण्टी-रोमियो टीम महाविद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में निरंतर सतर्क निगरानी रखे। टीम द्वारा नियमित गश्त, चेकिंग और समय-समय पर छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
महाविद्यालय की प्रधानाचार्या को सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से परिसर में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे स्थापित कराने के निर्देश दिए गए, जिससे हर गतिविधि पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि महिला सुरक्षा से संबंधित किसी भी शिकायत पर त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में अन्य स्कूलों और महाविद्यालयों में भी इसी प्रकार के भ्रमण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि छात्राओं में सुरक्षा के प्रति विश्वास और आत्मबल को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।