सद्गुरु रितेश्वर जी महाराज ने बाबा विश्वनाथ का किया दर्शन-पूजन, राष्ट्रकल्याण की कामना की 

श्री आनंदम धाम, शिवरीनारायण के परमपूज्य सद्गुरु श्री रितेश्वर जी महाराज वाराणसी प्रवास के दौरान काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। उन्होंने बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन कर राष्ट्र की सुख-शांति, समृद्धि और जनकल्याण की मंगलकामना की। काशी आगमन पर श्रद्धालुओं और अनुयायियों ने उनका श्रद्धापूर्वक स्वागत किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सद्गुरुदेव का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
 

सनातन संस्कृति के संरक्षण और आध्यात्मिक चेतना के विस्तार पर दिया जोर, बोले- तिरंगा राष्ट्रध्वज, भगवा हमारे हृदय में

वाराणसी। श्री आनंदम धाम, शिवरीनारायण के परमपूज्य सद्गुरु श्री रितेश्वर जी महाराज वाराणसी प्रवास के दौरान काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। उन्होंने बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन कर राष्ट्र की सुख-शांति, समृद्धि और जनकल्याण की मंगलकामना की। काशी आगमन पर श्रद्धालुओं और अनुयायियों ने उनका श्रद्धापूर्वक स्वागत किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सद्गुरुदेव का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

दर्शन-पूजन के बाद सद्गुरु श्री रितेश्वर जी ने काशी और भगवान विश्वनाथ के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा के जीवनमूल्यों को समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के साथ राष्ट्र और समाज में शांति, सद्भाव, आध्यात्मिक चेतना तथा सकारात्मकता का विस्तार होना चाहिए।

तिरंगा राष्ट्रध्वज, भगवा आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक
भगवा ध्वज को लेकर सद्गुरु रितेश्वर जी ने कहा कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा है और उसका सदैव सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने भगवा को आध्यात्मिक चेतना और ज्ञान से जोड़ते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति में ज्ञान, सूर्य के प्रकाश और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विश्वनाथ मंदिर सहित देश के प्रमुख तीर्थस्थलों पर भगवा सनातन चेतना और आध्यात्मिक ज्ञान की पहचान के रूप में देखा जाता है। उनके अनुसार, जहां-जहां देश के प्रमुख तीर्थस्थल हैं, वहां भगवा सनातन परंपरा और ज्ञान की पहचान के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराता रहेगा।

श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद
सद्गुरुदेव के वाराणसी प्रवास के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनसे मिलने पहुंचे। बाबा विश्वनाथ के प्रति उनकी श्रद्धा और राष्ट्रकल्याण की भावना से श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। मंदिर दर्शन के बाद भी अनुयायियों में सद्गुरुदेव का आशीर्वाद लेने को लेकर उत्साह रहा। श्री आनंदम धाम, शिवरीनारायण के संजय अग्रवाल ने सद्गुरु के वाराणसी प्रवास को सनातन धर्म की चेतना को सुदृढ़ करने वाला महत्वपूर्ण आध्यात्मिक प्रवास बताया। उन्होंने कहा कि सद्गुरुदेव के संदेश समाज को सनातन मूल्यों, राष्ट्रसेवा और आध्यात्मिक जागरण से जोड़ने की प्रेरणा देते हैं।