वाराणसी में 450 करोड़ से होगा बिजली व्यवस्था का कायाकल्प, प्रीपेड मीटर पर मंत्री ने दिए सख्त निर्देश
वाराणसी। जिले में विद्युत व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए लगभग 450 करोड़ रुपये की विद्युत सुधार योजनाओं पर तेजी से काम किया जाएगा। प्रदेश के स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री ने पूरे जिले को बांस-बल्ली मुक्त विद्युत व्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जर्जर पोल और तारों को हटाकर सुरक्षित और व्यवस्थित विद्युत नेटवर्क विकसित किया जाए। साथ ही नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने और अन्य विद्युत सुधार कार्यों को युद्ध स्तर पर संचालित करने के निर्देश भी दिए।
मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में कन्वर्ट करने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने साफ कहा कि प्रीपेड या पोस्टपेड व्यवस्था के कारण किसी भी उपभोक्ता की बिजली नहीं कटनी चाहिए। यदि इस संबंध में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अभियंताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बिजली विभाग जनता के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाए और उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने निर्देश दिया कि फॉल्ट होने की स्थिति में तत्काल मरम्मत कार्य कराया जाए, ताकि लोगों को लंबे समय तक बिजली संकट का सामना न करना पड़े। शिकायत निवारण प्रणाली को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया, जिससे उपभोक्ताओं को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
बैठक में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लाइन लॉस कम करने, ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और ओवरलोडिंग की समस्या समाप्त करने पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली की मांग तेजी से बढ़ती है, इसलिए विभाग को पहले से तैयारी करनी होगी, ताकि कटौती और ट्रिपिंग जैसी समस्याओं से लोगों को राहत मिल सके।
रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि जिले के हर घर तक सुरक्षित, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचे। इसके लिए सभी अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जनता की समस्याओं के प्रति लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विकास कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।