बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में होगी रोबोटिक सर्जरी, समय की होगी बचत, सटीक होगा उपचार
वाराणसी। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में अब घुटने की जटिल समस्याओं से पीड़ित मरीजों का इलाज अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से किया जाएगा। इस सुविधा की शुरुआत के साथ यह प्रदेश का ऐसा पहला सरकारी संस्थान बन गया है, जहां नी-सिटी आधारित रोबोटिक असिस्टेड नी सर्जिकल सिस्टम उपलब्ध कराया गया है। इससे घुटने के प्रत्यारोपण और अन्य जटिल सर्जरी अधिक सटीकता और कम समय में संभव हो सकेगी।
ट्रॉमा सेंटर प्रशासन के अनुसार, यह रोबोटिक सिस्टम सीएसआर सहयोग से प्राप्त हुआ है। नई तकनीक के उपयोग से सर्जरी के दौरान हड्डियों की कटिंग और इम्प्लांट की पोजिशनिंग अत्यंत सटीक ढंग से की जा सकेगी, जिससे मरीजों को कम दर्द, कम रक्तस्राव और शीघ्र स्वस्थ होने का लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि रोबोटिक तकनीक से ऑपरेशन के परिणाम अधिक टिकाऊ और बेहतर होंगे, जिससे मरीजों को लंबे समय तक राहत मिलेगी।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य़नाथ द्वारा सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में इस तरह की सुविधा शुरू होना क्षेत्रवासियों के लिए अच्छी पहल है।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि प्रशिक्षित विशेषज्ञों की देखरेख में इस नई प्रणाली के माध्यम से जल्द ही नियमित रूप से सर्जरी की जाएगी। इससे पूर्वांचल ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों के मरीजों को भी लाभ मिलेगा। चिकित्सा क्षेत्र में यह पहल भविष्य में अन्य उन्नत तकनीकों के विस्तार का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।