अस्सी-लंका मार्ग पर सड़क धंसी, राहगीरों के लिए खतरा, हादसे का डर

शहर के व्यस्ततम मार्गों में शामिल अस्सी-लंका मार्ग पर सड़क धंसने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। श्रीरामाचारी संस्कृत स्नातकोतर महाविद्यालय के रामानुज कोट के ठीक सामने करीब पांच फीट तक सड़क धंस जाने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं कराई गई तो यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
 

वाराणसी। शहर के व्यस्ततम मार्गों में शामिल अस्सी-लंका मार्ग पर सड़क धंसने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। श्रीरामाचारी संस्कृत स्नातकोतर महाविद्यालय के रामानुज कोट के ठीक सामने करीब पांच फीट तक सड़क धंस जाने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं कराई गई तो यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

यह मार्ग अस्सी चौराहा, अस्सी घाट और भदैनी को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग इस मार्ग से गुजरते हैं। सुबह से लेकर देर रात तक दोपहिया, चारपहिया वाहनों के साथ-साथ पैदल यात्रियों की भी भारी आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़क धंसने की घटना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क धंसने के कारण वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार अचानक गड्ढा नजर नहीं आने से बाइक सवार असंतुलित हो जाते हैं। वहीं पैदल राहगीरों को भी सावधानी के साथ निकलना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों के मुताबिक इस इलाके में पहले भी कई बार सड़क धंसने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा केवल अस्थायी मरम्मत कर मामले को टाल दिया जाता है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर धंसे हुए हिस्से के आसपास बांस-बल्लियां और चेतावनी संकेत लगाकर लोगों को सतर्क करने का प्रयास किया है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। लोगों का कहना है कि रात के समय यह जगह और अधिक खतरनाक हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में गड्ढा स्पष्ट दिखाई नहीं देता।

क्षेत्रवासियों ने नगर निगम और संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क धंसने के कारणों की जांच कर स्थायी समाधान कराया जाए। लोगों का कहना है कि बरसात का मौसम आने वाला है, ऐसे में यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो समस्या और गंभीर हो सकती है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर मार्ग को सुरक्षित बनाने की अपील की है।