गंगा में प्रतिबंध बेअसर, नावों और बजड़ों पर सवार होकर लोगों ने देखा एयर शो, सुरक्षा के लिए लगाई गई थी रोक
वाराणसी। भारतीय वायुसेना के एयर शो के दौरान गंगा में नावों के संचालन पर लगाई गई रोक बेअसर नजर आई। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन की ओर से नौका संचालन बंद रखने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद गंगा में नावें चलती रहीं। कुछ बजड़ों पर यात्रियों को बैठाकर एयर शो भी दिखाया गया। प्रतिबंध के बावजूद नदी में नौकाओं का संचालन होने से सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े हो गए हैं।
एयर शो देखने के लिए नमो घाट समेत आसपास के घाटों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। गंगा के ऊपर लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों के करतब देखने के लिए लोगों में खासा उत्साह था। घाटों पर मौजूद लोगों के साथ कुछ लोगों ने गंगा में नावों और बजड़ों पर सवार होकर भी हवाई प्रदर्शन का नजारा देखा। इस दौरान नदी में नौकाओं की आवाजाही प्रतिबंध के पालन को लेकर सवाल खड़े करती रही।
बैठकर एयर शो देखते रहे यात्री
एयर शो के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए गंगा में नावों और बजड़ों के संचालन पर रोक लगाई गई थी। इसका उद्देश्य नदी क्षेत्र में भीड़ और अनियंत्रित आवाजाही रोकना था, ताकि हवाई प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। इसके बावजूद नावों के चलते रहने और बजड़ों पर यात्रियों के मौजूद रहने की तस्वीर सामने आने से प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठे।
बैठकें हुईं, अस्थायी थाने भी बने
एयर शो को लेकर प्रशासनिक स्तर पर पहले से तैयारियां की गई थीं। सुरक्षा व्यवस्था, घाटों पर भीड़ नियंत्रण और लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। निगरानी के लिए अस्थायी थाने भी स्थापित किए गए थे। गंगा में नौका संचालन पर रोक भी इसी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा थी। इसके बावजूद नावों का संचालन जारी रहना निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता पर सवाल खड़ा करता है।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई का इंतजार
अब सवाल यह है कि प्रतिबंध के बावजूद गंगा में नावें कैसे चलती रहीं और यात्रियों को बजड़ों पर बैठाकर एयर शो किसकी निगरानी में दिखाया गया। प्रतिबंधित क्षेत्र में नौकाओं की आवाजाही रोकने की जिम्मेदारी किन अधिकारियों और कर्मियों की थी, इसकी जांच जरूरी है। फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया और संभावित कार्रवाई का इंतजार है। यह देखना होगा कि नियमों के उल्लंघन पर संबंधित नाविकों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होती है या नहीं।