काशी से गूंजा स्वस्थ भारत का संकल्प, मुख्यमंत्री ने पोषण को जनभागीदारी से जोड़ने पर दिया जोर

देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी से बुधवार को स्वस्थ और सुपोषित भारत के निर्माण का संकल्प गूंजा। केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश सरकार की मंत्री बेबी रानी मौर्या ने सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के शुभारंभ किया। इस अवसर पर पोषण को केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि परिवार और समाज की साझा जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया गया। इस वर्ष की थीम ‘आंगनबाड़ी हमारी जिम्मेदारी’ को जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक अभियान का स्वरूप देने का आह्वान किया गया।
 

राष्ट्रीय पोषण माह-2026 का शुभारंभ, ‘आंगनबाड़ी हमारी जिम्मेदारी’ को जनअभियान बनाने का आह्वान

गर्भ से दो वर्ष तक की अवधि को बच्चे के विकास के लिए सबसे निर्णायक 

पोषण के साथ स्वस्थ खानपान, स्वच्छता, खेल और मानसिक विकास पर जोर

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बताया पोषण अभियान की फ्रंटलाइन कड़ी

स्थानीय सामग्री से पौष्टिक और बच्चों के स्वाद के अनुरूप भोजन तैयार करने पर बल

एफआरएस के जरिए 64 लाख से अधिक माताओं के पारदर्शी तरीके से हुआ नामांकन 

पोषण अभियान को परिवार और समुदाय की साझा जिम्मेदारी बनाने का संदेश

काशी से हर घर को पोषण और स्वस्थ जीवनशैली की पाठशाला बनाने का आह्वान

वाराणसी। देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी से बुधवार को स्वस्थ और सुपोषित भारत के निर्माण का संकल्प गूंजा। केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश सरकार की मंत्री बेबी रानी मौर्या ने सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के शुभारंभ किया। इस अवसर पर पोषण को केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि परिवार और समाज की साझा जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया गया। इस वर्ष की थीम ‘आंगनबाड़ी हमारी जिम्मेदारी’ को जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक अभियान का स्वरूप देने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में कहा गया कि बच्चे के जीवन की नींव गर्भावस्था से ही पड़ती है। विशेष रूप से गर्भ से दो वर्ष तक की अवधि को उसके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना गया। इस दौरान उचित पोषण, देखभाल और स्वस्थ वातावरण बच्चे के भविष्य को मजबूत आधार देता है।

सीएम के संबोधन में पोषण को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने पोषण अभियान को घर-घर तक पहुंचाने और इसमें परिवार व समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। संदेश दिया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर चलने वाले अच्छे प्रयास तभी प्रभावी होंगे, जब उनका असर बच्चों और परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी में दिखाई दे।

आंगनबाड़ी केंद्र से घर तक पहुंचेगा पोषण का संदेश
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अभियान की ‘फ्रंटलाइन सोल्जर’ बताते हुए उनकी भूमिका को रेखांकित किया गया। कहा गया कि वे गर्भवती महिलाओं, बच्चों और परिवारों तक पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी संदेश पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

होम विजिट के दौरान गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों को संतुलित आहार, स्वच्छता तथा नवजात के पोषण से जुड़े जरूरी संदेश देने पर जोर दिया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को खेल-खेल में सीखने और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी गई।


थाली में विविध पोषक तत्वों पर जोर
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि पोषण का आकलन केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि योजनाओं की गुणवत्ता और उनके बच्चों के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव से होना चाहिए। प्रोटीन के साथ स्वस्थ वसा, विटामिन, विविध पोषक तत्व और संतुलित आहार पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।

तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में स्थानीय सामग्री से तैयार पौष्टिक व्यंजनों के नवाचार भी साझा किए गए। बच्चों के स्वाद के अनुरूप भोजन तैयार करने के साथ चीनी और नमक की मात्रा नियंत्रित रखने तथा स्वच्छता पर भी जोर दिया गया।

तकनीक से योजनाओं की पहुंच और पारदर्शिता
कार्यक्रम में सरकारी योजनाओं को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई। एफआरएस के माध्यम से 64 लाख से अधिक माताओं के पारदर्शी नामांकन का उल्लेख किया गया। बैंकिंग सेवाओं को बहुभाषी बनाने, मोबाइल के जरिए आवेदन और भुगतान की स्थिति जानने तथा समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे कार्य भी सामने रखे गए।