वाराणसी में मतदेय स्थलों का पुनर्गठन अंतिम चरण में, एक बूथ पर नहीं होंगे 1200 मतदाता

आगामी निर्वाचन की तैयारियों के तहत जिले में मतदेय स्थलों के सम्भाजन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सोमवार को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इसमें मतदेय स्थलों के सम्भाजन, भौतिक सत्यापन, निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण और पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।
 

वाराणसी। आगामी निर्वाचन की तैयारियों के तहत जिले में मतदेय स्थलों के सम्भाजन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सोमवार को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इसमें मतदेय स्थलों के सम्भाजन, भौतिक सत्यापन, निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण और पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदेय स्थलों की आलेख सूची का प्रकाशन 19 अक्टूबर को किया गया था। इसकी सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी उपलब्ध करा दी गई थी। प्राप्त शिकायतों और सुझावों के निस्तारण के बाद मतदेय स्थलों की अंतिम सूची 27 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन कार्यालय भेजी जाएगी। सम्भाजन की प्रक्रिया को 26 अक्टूबर को अंतिम रूप दिया जाना निर्धारित है।

प्रति मतदेय स्थल अधिकतम 1200 मतदाता
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार मतदेय स्थलों का निर्धारण करते समय प्रत्येक स्थल पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा और दो किलोमीटर की भौगोलिक परिधि को ध्यान में रखा जा रहा है। इसके साथ ही मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन कर उनकी व्यवस्था को सुगम बनाने पर जोर दिया गया।

पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने पर जोर
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि एक जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिकों के साथ ही मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूटे अन्य पात्र लोगों के नाम भी शामिल कराए जाएं। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत फार्म-6 भरवाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने मतदाता सूचियों को शुद्ध, पारदर्शी और अद्यतन बनाने में राजनीतिक दलों से सहयोग की अपेक्षा की।

बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम और पुनरीक्षण प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से पुनरीक्षण कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। बैठक में सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) तथा आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, अपना दल (एस), कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।