डोमरी में रिकॉर्ड पौधारोपण पर सवाल, महापौर व नगर आयुक्त ने किया निरीक्षण, सुरक्षा व सिंचाई व्यवस्था देखी
वाराणसी। डोमरी क्षेत्र में हाल ही में हुए रिकॉर्ड पौधारोपण को लेकर उठे सवालों के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आ गया है। सोशल मीडिया पर जारी कुछ वीडियो में पौधारोपण स्थल की सुरक्षा, चयनित भूमि की उपयुक्तता और बाढ़ संभावित क्षेत्र में पौधे लगाए जाने को लेकर आपत्तियां जताई गई थीं। इन आरोपों के मद्देनजर महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने संबंधित स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान माहौपर और नगर आयुक्त ने लगाए गए पौधों की वर्तमान स्थिति, उनकी सुरक्षा के इंतजाम, सिंचाई व्यवस्था और स्थल की भौगोलिक परिस्थितियों का गहन अवलोकन किया। महापौर ने स्पष्ट किया कि नगर निगम द्वारा पर्यावरण संरक्षण और शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल रिकॉर्ड बनाने का प्रयास नहीं, बल्कि दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में उठाया गया कदम है। लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखना और उनके समुचित विकास को सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पशुओं के पौधारोपण स्थल तक पहुंचने संबंधी आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि स्थानीय नागरिकों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए कुछ स्थान खुले छोड़े गए हैं, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई है। उन्होंने बताया कि पौधों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी किए जाएंगे।
बाढ़ क्षेत्र में पौधारोपण को लेकर उठे सवालों पर नगर आयुक्त ने कहा कि संबंधित स्थल का पूर्व में सर्वेक्षण कराया गया था। जिन हिस्सों में जलभराव की संभावना अधिक रहती है, वहां उसी अनुरूप प्रजातियों का चयन किया गया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि क्षेत्र में पहले से कई वृक्ष मौजूद हैं, जो भूमि की उपयुक्तता को प्रमाणित करते हैं।
नगर आयुक्त ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति पौधों को नुकसान पहुंचाने, उन्हें उखाड़ने या भ्रामक सूचना फैलाने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि पर्यावरण संरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक रंग न दिया जाए और शहर को हरित बनाने के अभियान में सक्रिय सहयोग करें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि पौधारोपण स्थल की नियमित निगरानी की जाएगी।