रथयात्रा मेला बना प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र, पॉलीथिन पर सख्ती, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई
वाराणसी। ऐतिहासिक तीन दिवसीय रथयात्रा मेले को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए नगर निगम ने पूरे मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र घोषित कर दिया है। प्रतिबंधित पॉलीथिन और सिंगल यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ चालान कर जुर्माना भी वसूला जा रहा है।
नगर निगम ने श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए मेला क्षेत्र में विशेष सफाई व्यवस्था लागू की है। पूरे मेले के दौरान तीन शिफ्टों में 24 घंटे सफाई अभियान चलाया जाएगा, ताकि सड़कें, सार्वजनिक स्थल और धार्मिक परिसर साफ-सुथरे बने रहें। सफाई कर्मियों की विशेष टीमें लगातार निगरानी करेंगी और कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था भी सुचारू रूप से संचालित की जाएगी।
नगर निगम की विशेष टीम स्थायी और अस्थायी दुकानदारों से संपर्क कर उन्हें स्वच्छता संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए जागरूक कर रही है। सभी दुकानदारों को अपनी दुकान के सामने डस्टबिन रखना अनिवार्य किया गया है। साथ ही उन्हें प्रतिबंधित पॉलीथिन का उपयोग न करने और ग्राहकों को केवल कपड़े या अन्य पर्यावरण अनुकूल थैले उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। चेतावनी के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ मौके पर कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जा रहा है।
जोनल स्वास्थ्य अधिकारी के नेतृत्व में आईईसी (सूचना, शिक्षा एवं संचार) टीम लाउडस्पीकर के माध्यम से दुकानदारों और श्रद्धालुओं को सिंगल यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर रही है। मेला क्षेत्र में "स्वच्छ काशी, सुंदर काशी" और "थैला अपना साथ लाएं, प्लास्टिक को दूर भगाएं" जैसे संदेशों वाले पोस्टर भी लगाए गए हैं। नगर निगम ने श्रद्धालुओं और व्यापारियों से अपील की है कि वे प्लास्टिक मुक्त रथयात्रा मेले के संकल्प को सफल बनाने में सहयोग करें और स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।