18 वर्षों से सर्पों के रक्षक बने हैं 'रतन कोबरा', अब तक 26 हजार से अधिक सांपों का किया सुरक्षित रेस्क्यू
स्पेशल रिपोर्ट: ओमकारनाथ
वाराणसी। सावन और बारिश के मौसम में जब घरों, खेतों और बाग-बगीचों में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, तब मिर्जामुराद निवासी रतन कुमार गुप्ता, जिन्हें लोग 'रतन कोबरा' के नाम से जानते हैं, सबसे अधिक सक्रिय हो जाते हैं। पिछले 18 वर्षों से वे बिना किसी सरकारी सहायता के सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर रहे हैं। उनका दावा है कि अब तक 26 हजार से अधिक सांपों को बचाकर सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा चुका है।
39 वर्षीय रतन कुमार गुप्ता मिर्जामुराद बाजार में गैस चूल्हा, कुकर मरम्मत, घड़ी और चश्मे की दुकान चलाते हैं। दुकान पर रहते हुए जैसे ही किसी क्षेत्र से सांप निकलने की सूचना मिलती है, वे तुरंत मौके पर पहुंचकर विशेष स्टील की छड़ की मदद से सांप का सुरक्षित रेस्क्यू करते हैं। उनका उद्देश्य न केवल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, बल्कि सांपों के जीवन की भी रक्षा करना है।
रतन बताते हैं कि बचपन में लोगों को सांपों को मारते देखकर उन्होंने उन्हें बचाने का संकल्प लिया था। उनका कहना है कि अधिकांश सांप बिना वजह हमला नहीं करते, बल्कि इंसानों से बचने का प्रयास करते हैं। इसलिए सांप दिखाई देने पर उसे मारने के बजाय प्रशिक्षित रेस्क्यू करने वाले को बुलाना चाहिए।
वन्यजीव विशेषज्ञ भी मानते हैं कि सांप पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वे चूहों और अन्य हानिकारक जीवों की संख्या नियंत्रित करते हैं। रतन कोबरा का यह प्रयास वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व का प्रेरक उदाहरण बन चुका है। सांप निकलने पर रतन कुमार गुप्ता (रतन कोबरा) से मोबाइल नंबर 8090886550 पर संपर्क किया जा सकता है।