BHU में रंगोत्सव, बिरला ग्राउंड में जमकर उड़े अबीर-गुलाल, होली गीतों पर थिरके छात्र

काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित बिड़ला ग्राउंड में शनिवार को रंगों और उत्साह की ऐसी बौछार देखने को मिली, जिसने एक दिन पहले लगे प्रतिबंध की चर्चा को पीछे छोड़ दिया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं यहां जुटे और जमकर होली खेली। डीजे पर बज रहे फिल्मी गीतों की धुन पर छात्र थिरकते नजर आए, जबकि एक-दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं।
 

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित बिड़ला ग्राउंड में शनिवार को रंगों और उत्साह की ऐसी बौछार देखने को मिली, जिसने एक दिन पहले लगे प्रतिबंध की चर्चा को पीछे छोड़ दिया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं यहां जुटे और जमकर होली खेली। डीजे पर बज रहे फिल्मी गीतों की धुन पर छात्र थिरकते नजर आए, जबकि एक-दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं।

एक दिन पूर्व विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर द्वारा परिसर में प्रस्तावित होली कार्यक्रम पर रोक लगा दी गई थी। प्रशासन के इस निर्णय से असहमत छात्रों ने बिरला चौराहे पर धरना-प्रदर्शन किया और नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि होली आपसी भाईचारे, सौहार्द और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है, ऐसे में इसे मनाने पर रोक उचित नहीं है।

प्रदर्शन के अगले ही दिन शनिवार को छात्र-छात्राएं फिर से बिड़ला ग्राउंड पहुंचे और शांतिपूर्ण तरीके से रंगोत्सव मनाया। परिसर में गुलाल उड़ता रहा और युवाओं के समूह सामूहिक नृत्य करते दिखे। कई छात्र पारंपरिक भारतीय परिधान में नजर आए, जबकि कुछ सफेद कपड़ों में रंगों की छटा का आनंद लेते दिखाई दिए। माहौल पूरी तरह उत्सवी रहा।

दरअसल, सुरक्षा के मद्देनजर विश्वविद्यालय प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी थी। परिसर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए थे ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। हालांकि पूरे आयोजन के दौरान स्थिति नियंत्रण में रही और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। छात्रों ने कहा कि वे विश्वविद्यालय की गरिमा और अनुशासन का सम्मान करते हुए ही त्योहार मनाते हैं। उनका मानना है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए, जिससे अनावश्यक विवाद की स्थिति न बने।