रंगभरी एकादशी 2026: रंग-गुलाल से सराबोर हुई काशी! मां गौरा का गौना कराकर अपने धाम चले बाबा विश्वनाथ
रंगभरी एकादशी के अवसर पर माता गौरा के गौने की रस्म का आयोजन किया गया। इस दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत आवास से भव्य पालकी यात्रा निकली। बाबा विश्वनाथ माता गौरा के साथ पालकी पर सवार होकर अपने धाम के लिए चले। इस दौरान काशी की गलियां और सड़कें बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन को श्रद्धालुओं से पट गईं। चहुंओर उड़ते रंग-गुलाल के साथ हर-हर महादेव का उद्घोष गूंजता रहा।
वाराणसी। रंगभरी एकादशी के अवसर पर माता गौरा के गौने की रस्म का आयोजन किया गया। इस दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत आवास से भव्य पालकी यात्रा निकली। बाबा विश्वनाथ माता गौरा के साथ पालकी पर सवार होकर अपने धाम के लिए चले। इस दौरान काशी की गलियां और सड़कें बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन को श्रद्धालुओं से पट गईं। चहुंओर उड़ते रंग-गुलाल के साथ हर-हर महादेव का उद्घोष गूंजता रहा।
बाबा भोले शाही पगड़ी, खादी की धोती-कुर्ता और दुपट्टा पहनकर ससुराल पहुंचे और मां गौरा की विधिवत विदाई कराकर अपने धाम चले। पालकी पर सवार बाबा विश्वनाथ और माता गौरा के दर्शन को काशीवासी उमड़ पड़े। काशीवासियों ने बाबा से अनुमति लेकर होली के उत्सव की शुरुआत की। इस दौरान जमकर अबीर गुलाल उड़े। इसके साथ ही काशी में होली उत्सव की शुरुआत हुई।
रंगभरी एकादशी पर लाखों श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ और मां गौरी के गौना उत्सव में शामिल हुए। काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से आयोजन को भव्य बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी गई थी।
देखें तस्वीरें और वीडियो