रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला 25 सितंबर से होगी शुरू, स्वर परीक्षा के आधार पर पात्रों का होगा चयन

रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला इस वर्ष अनंत चतुर्दशी, 25 सितंबर से प्रारंभ होगी। इसके साथ ही रामलीला से जुड़े विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठानों की तैयारियां भी शुरू होंगी। रामलीला के मुख्य स्वरूपों की भूमिका निभाने वाले बच्चों के चयन को लेकर कुंवर अनंत नारायण सिंह के आदेश का इंतजार है। 
 

वाराणसी। रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला इस वर्ष अनंत चतुर्दशी, 25 सितंबर से प्रारंभ होगी। इसके साथ ही रामलीला से जुड़े विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठानों की तैयारियां भी शुरू होंगी। रामलीला के मुख्य स्वरूपों की भूमिका निभाने वाले बच्चों के चयन को लेकर कुंवर अनंत नारायण सिंह के आदेश का इंतजार है। 

परंपरा के अनुसार प्रथम गणेश पूजन से पहले राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और सीता सहित प्रमुख पात्रों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। चयनित बच्चों को धार्मिक, सांस्कृतिक और अभिनय संबंधी प्रशिक्षण भी दिया जाता है, ताकि वे रामलीला की गरिमा और परंपरा के अनुरूप भूमिका निभा सकें। सामान्य वर्षों में यह प्रक्रिया जुलाई से पहले शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार अधिकमास के चलते कार्यक्रम आगे खिसक गया है।

जानकारों के अनुसार मुख्य स्वरूपों का चयन आमतौर पर रामनगर किले में आयोजित स्वर परीक्षा के आधार पर किया जाता है। पहले दौर में बड़ी संख्या में बच्चों की परीक्षा ली जाती है, जिसके बाद चयनित प्रतिभागियों को अगले चरण के लिए बुलाया जाता है। अंतिम चयन के बाद उन्हें नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है।

रामनगर रामलीला के संचालन से जुड़े लोगों का कहना है कि जैसे ही संबंधित आदेश जारी होगा, पात्रों की खोज और चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस बार रामलीला का शुभारंभ भले ही देरी से हो रहा हो, लेकिन आयोजन की भव्यता और परंपराओं को बनाए रखने के लिए तैयारियां पूरी गंभीरता के साथ की जाएंगी। विश्व प्रसिद्ध इस रामलीला को देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक हर वर्ष बड़ी संख्या में रामनगर पहुंचते हैं।