रामनगर पुलिस के हत्थे चढ़े शातिर चोर, ₹3.50 लाख नकदी और चोरी की बाइक बरामद

रामनगर पुलिस ने ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए जनकपुर कॉलोनी में हुई चोरी की घटना का खुलासा किया। पुलिस ने मामले में वांछित एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 3,50,160 रुपये नकद, चोरी की टीवीएस एक्सएल-100 मोपेड (फर्जी नंबर प्लेट के साथ), एक कीपैड मोबाइल फोन, दो नंबर प्लेट और दो चाबियां बरामद किया हैं। आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
 

वाराणसी। रामनगर पुलिस ने ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए जनकपुर कॉलोनी में हुई चोरी की घटना का खुलासा किया। पुलिस ने मामले में वांछित एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 3,50,160 रुपये नकद, चोरी की टीवीएस एक्सएल-100 मोपेड (फर्जी नंबर प्लेट के साथ), एक कीपैड मोबाइल फोन, दो नंबर प्लेट और दो चाबियां बरामद किया हैं। आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, 12 जुलाई 2026 को ऑपरेशन चक्रव्यूह के दौरान रात्रि गश्त और चेकिंग के समय मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी की एक बिना नंबर प्लेट वाली मोपेड के साथ एक संदिग्ध व्यक्ति विश्वामित्रनगर कॉलोनी के पीछे मौजूद है और भागने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान असलम (40 वर्ष) पुत्र मरहूम अल्ला रखा के रूप में हुई। वह वर्तमान में सूजाबाद, थाना रामनगर का निवासी है, जबकि उसका स्थायी पता वीडीए कॉलोनी, चांदमारी, थाना शिवपुर बताया गया है। जांच में सामने आया कि आरोपी थाना रामनगर में दर्ज मुकदमा संख्या 152/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305(ए) और 331(4) में वांछित था।

पूछताछ में आरोपी ने जनकपुर कॉलोनी में हुई चोरी की वारदात कबूल करते हुए बताया कि उसने करीब एक माह पहले एक बंद मकान की पहले रेकी की थी। देर रात घर में घुसकर उसने बक्से और अलमारी तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण और 30 हजार रुपये नकद चोरी किए थे। आरोपी ने दावा किया कि उसने चोरी अकेले की थी।

उसने पुलिस को बताया कि चोरी किए गए आभूषण बिहार के दुर्गावती क्षेत्र में एक अज्ञात व्यक्ति को करीब साढ़े चार लाख रुपये में बेच दिए थे। उस रकम में से लगभग एक लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, जबकि शेष नकदी उसने अपने किराए के मकान में छिपाकर रखी थी, जिसे पुलिस ने उसकी निशानदेही पर बरामद कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि बरामद टीवीएस एक्सएल-100 मोपेड उसने पहले पांडेयपुर क्षेत्र से चोरी की थी। वह चोरी की वारदातों से पहले इसी वाहन से रेकी करता था और पहचान छिपाने के लिए कभी नंबर प्लेट हटा देता था तो कभी दूसरी गाड़ियों की फर्जी नंबर प्लेट लगाकर इस्तेमाल करता था। पुलिस अब चोरी के जेवर खरीदने वाले अज्ञात व्यक्ति की पहचान और नेटवर्क की जांच में जुटी है।